IIMC: पूर्व छात्र करेंगे दीक्षांत समारोह का बायकॉट
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बीते कुछ दिनों से एक फेसबुक पोस्ट के कारण विवादों का केंद्र बन रहे भारतीय जनसंचार संस्थान में गुरूवार को छात्रों ने सद्भावना मार्च निकाला और इस बात का संदेश दिया कि वे एकजुट हैं। छात्रों ने कहा कि संस्थान में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाता है।
छात्रों के समूह ने कहा कि संस्थान के नाम को खराब करने जो प्रयास किया जा रहा है, जो गलत है। वहीं आरोपी छात्र ने खुद के खिलाफ व्यक्तिगत प्रतिशोध की बात करते हुए संस्थान के ही एक फैकेल्टी पर आरोप लगाया कि वे इस मामले को हवा दे रहे हैं।
बता दें कि 5 फरवारी को आईआईएमसी में 2014-15 बैच के छात्रों का दीक्षांत समारोह है, जिसमें सूचनाएवं प्रसारण मंत्रालय के राज्यमंत्री रिटायर्ड कर्नल (एवीएसएम) राज्यवर्धन सिंह राठौड़ आएंगे।
पूर्व छात्र करेंगे दीक्षांत समारोह का बायकॉट
इस बीच 2014-15 बैच के एक पूर्व छात्र ने कहा कि उन्होंने दीक्षांत समारोह का बायकॉट करने का मन बना लिया है। पूर्व छात्र ने कहा कि वो ऐसे समय में जबकि संस्थान में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, वो किसी जश्न का हिस्सा नहीं हो सकते।
पूर्व छात्र ने यह भी कहा कि वो दीक्षांत समारोह के खिलाफ नहीं है लेकिन हाल में हुई घटनाओं को देखकर और मौजूदा समय में पत्रकार के रूप में भी वो इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बन सकते। समारोह का बहिष्कार कर रहे एक अन्य पूर्व छात्र ने कहा कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई।छात्र ने कहा कि छात्रों का एक समूह अल्पसंख्यक और दलित छात्रों को अपना निशाना बना रहा है।
बता दें कि बीती 18 जनवरी को एक छात्र ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी थी, जिस पर संस्थान के ही 17 छात्रों द्वारा शिकायत की गई थी। जिस पर पहले आईआईएमसी में 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया जिसे 3 सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी है, वहीं मंत्रालय ने भी संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी मिहिर कुमार सिंह को मामले की जांच के लिए नियुक्त किया है जिन्हें 10 फरवरी तक रिपोर्ट देनी है।
ये है पूरा मामला
आरोप है कि वहीं के एक छात्र ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और संस्थान में उनके साथ दुर्वव्यवहार किया जा रहा है।
वहीं इस मामले में आरोपी छात्र का कहना है कि 'मैंने अपने फेसबुक पर की गई पोस्ट के लिए माफी मांग ली है लेकिन मैं ऐसा कुछ करने वाला नहीं था क्योंकि मैं जिस क्षेत्र से आता हूं वहां ऐसे शब्द इस्तेमाल किए जाते हैं।
छात्र ने कहा कि उससे 'निजी दुश्मनी' निकाली जा रही है और 'प्रोपैगैंडा' इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोपी छात्र का कहना है कि उसके खिलाफ उस हक का दुरूपयोग किया जा रहा है जो अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को संविधान द्वारा दिया गया है।
वहीं 17 छात्रों ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में भी छात्र के सोशल मीडिया पोस्ट की शिकायत की है और उनका कहना है कि इस वजह से वो 'तनाव' में आ गए हैं और अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। उनका कहना है कि रोहित वेमुला की आत्महत्या पर उनके विरोध प्रदर्शन के खिलाफ संस्थान के ही कुछ छात्रों द्वारा बैर' और 'घृणा' फैलाई गई। जिस संबंध में उन्होंने संबंधित मंत्रालय में शिकायत भी की थी।