{"_id":"6a48091f6aa3d34f4500dba9","slug":"dispose-of-applications-so-that-people-receive-the-schemes-benefits-adc-jyoti-delhi-ncr-news-c-25-1-mwt1001-113315-2026-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवेदनों का करें निपटारा ताकि लोगों को मिले योजना का लाभ : एडीसी ज्योति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवेदनों का करें निपटारा ताकि लोगों को मिले योजना का लाभ : एडीसी ज्योति
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के सभागार में शुक्रवार को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा बैठक अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ज्योति की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटान किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना देरी योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने लीड जिला प्रबंधक (एलडीएम) को भी बैंक स्तर पर लंबित ऋण मामलों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। एडीसी ने कहा कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर अंत्योदय परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत 18 विभागों की 55 योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार, कौशल विकास, एमएसएमई, कृषि, पशुपालन, महिला सशक्तिकरण और ऋण सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय के साथ कार्य कर प्रत्येक पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
नूंह। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के सभागार में शुक्रवार को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा बैठक अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ज्योति की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटान किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना देरी योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने लीड जिला प्रबंधक (एलडीएम) को भी बैंक स्तर पर लंबित ऋण मामलों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। एडीसी ने कहा कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर अंत्योदय परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत 18 विभागों की 55 योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार, कौशल विकास, एमएसएमई, कृषि, पशुपालन, महिला सशक्तिकरण और ऋण सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय के साथ कार्य कर प्रत्येक पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।