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एम्स के पूर्व सीवीओ की याचिका खारिज, चतुर्वेदी ने हाईकोर्ट में दी थी चुनौती

Mon, 27 Jun 2016 09:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 27 Jun 2016 09:14 PM IST
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Dismissed the petition of former AIIMS CVO, Chaturvedi was challenged in the High Court
Sanjeev Chaturvedi

हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के फैसले को चुनौती दी थी।

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एम्स के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी चतुर्वेदी ने एम्स निदेशक के आदेश को चुनौती दी थी। कैट ने अपने फैसले में कहा था कि किस अधिकारी से क्या काम करवाना है यह तय करना निदेशक का अधिकार है।
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जस्टिस वी. कामेश्वर राव व जस्टिस आईएस मेहता की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि हमें क्षमा करें, हम आपकी बातों से सहमत नहीं है। इसलिए फिलहाल आपकी याचिका को खारिज कर रहे हैं, विस्तारपूर्ण फैसला बाद में सुनाएंगे।
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खंडपीठ के समक्ष बहस करते हुए चतुर्वेदी के वकील ने कहा कि एम्स के निदेशक ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर उनके कामकाज में बदलाव किया। उनके मुवक्किल को नीचा दिखाने के लिए निदेशक ने स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिये कार्य भी उनसे वापस ले लिए थे।

चतुर्वेदी ने अपने कामकाज में बदलाव किये जाने पर दी थी चुनौती

Dismissed the petition of former AIIMS CVO, Chaturvedi was challenged in the High Court
संजीव चतुर्वेदी

केंद्र सरकार व एम्स की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने अपनी दलीलों में कहा कोई व्यक्ति सेवा शर्तों को चुनौती दिए बिना आवंटित किए कामकाज को चुनौती नहीं दे सकता।

उन्होंने कहा कि निदेशक ने नियमों के दायरे में रहकर ही याची के कामकाज में परिवर्तन किया था। इसलिए इस याचिका को रद्द किया जाए। भारतीय वन सेवा के अधिकारी व एम्स के उप सचिव और पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी चतुर्वेदी ने अपने कामकाज में बदलाव किये जाने को चुनौती दी थी।

चतुर्वेदी ने कैट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके कार्य में बदलाव उन्हें नीचा दिखाने के लिए किया गया क्योंकि उन्होंने एम्स में भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। उनके कई बार मांगने पर भी कोई काम नहीं दिया।

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