Delhi: जाली दस्तावेजों पर करोड़ों के घपले में निदेशक गिरफ्तार, अदालत ने घोषित कर दिया था भगोड़ा
अदालत ने आरोपी को भगौड़ा घोषित कर दिया था। इसके एक साथी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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संपत्तियों के जाली दस्तावेजों को गिरवी रखकर कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों से करोड़ों रुपये का लोन लेकर गबन करने के आरोपी कंपनी निदेशक शाहदरा निवासी हितेश कुमार को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। अदालत ने आरोपी को भगौड़ा घोषित कर दिया था। इसके एक साथी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
2020 में फेडरल बैंक लिमिटेड के नेहरु प्लेस शाखा के प्रबंधक ने सक्सेसपथ मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशकों अनुराग शर्मा और हितेश कुमार के खिलाफ करोड़ों रुपये के गबन की शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि आरोपियों ने व्यावसायिक उद्देश्य के लिए 2016 में बैंक से 2.5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इसके लिए बलवीर नगर एक्सटेंशन, शाहदरा का प्लॉट और सिकंदरपुर स्थित आवासीय फ्लैट के कागजात को बैंक में गिरवी रखा था। किश्त नहीं देने पर उनका बैंक खाता एनपीए हो गया। जब बैंक ने संपत्ति पर कब्जा करने की प्रक्रिया शुरू की तो पता चला कि देना बैंक इस संपत्ति पर पहले से ही कब्जा करने की प्रक्रिया कर रही है।
संपत्ति के कागजात देना बैंक में भी गिरवी रखे हुए थे। इसके साथ ही एक शख्स ने भी इस संपत्ति को साल 2017 में खरीदने का दावा किया। उस शख्स ने यह भी बताया कि संपत्ति के कागजात इंडिया बुल के पास भी गिरवी हैं। केस दर्ज कर पुलिस ने जांच की। आरोपी अनुराग शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। वहीं आरोपी हितेश को निरीक्षक संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शाहदरा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी 12 वीं पास है। शुरुआत में उसने कई छोटे व्यवसायों में हाथ आजमाया। बाद में वह अनुराग शर्मा के साथ ई-रिक्शा के व्यवसाय में भागीदार बन गया।