दिग्विजय ने फिर से दी राहुल हो 'नेक' सलाह
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मोदी सरकार के खिलाफ युवा कांग्रेस की आक्रोश रैली में राहुल गांधी का आक्रोश सिर्फ पोस्टर और बैनरों में ही देखने को मिला। दरअसल, राहुल गांधी रैली से गायब रहे। ऐसा करके राहुल गांधी फिर कांग्रेस को आगे बढ़ाकर पीछे हट गए हैं।
राहुल की गैरमौजूदगी से एक बार फिर कांग्रेस के अंदर उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। संसद के पिछले सत्र के दौरान लोकसभा में देश में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं बढ़ने को लेकर मोदी सरकार को घेरते हुए वे लोकसभा अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए थे।
मगर जब इस मुद्दे पर बहस का वक्त आया था तो उन्होंने बोलना मुनासिब ही नहीं समझा। उनके युवा सिपाहसलार तो रैली में मौजूद रहे। रैली में आए कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं को उम्मीद थी कि कांग्रेस उपाध्यक्ष भी इस रैली में आएंगे। लेकिन दिल्ली में होने के बावजूद वह रैली से दूर रहे।
दिलचस्प बात यह रही कि राहुल की गैरमौजूदगी में ही दिग्विजय सिंह ने कहा, मैं राहुल जी से मोर्चा संभालने की अपील करता हूं। हम हर तरह से उनके साथ हैं।
दिग्गी के बयान से असहज हुई कांग्रेस
मोदी सरकार के 100 दिनों को लेकर कांग्रेस के तमाम नेता हमलावर हो रहे हैं। लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष की ओर से पार्टी के इस अभियान से दूरी बना रखी है। पार्टी के कई नेताओं को उम्मीद थी कि आक्रोश रैली में शिरकत कर राहुल अपनी चुप्पी तोड़ेंगे। मगर उनको निराश हाथ लगी।
राहुल की गैरमौजूदगी को लेकर युवा कांग्रेस की ओर कहा गया है कि वह किसी कार्यक्रम में व्यस्त थे। हालांकि पुलिस लाठीचार्ज में घायल युवा कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं से मिलने राहुल बाद में पहुंचे। लेकिन राहुल के रैली में आने को लेकर कई वरिष्ठ और युवा नेताओं ने गलत संकेत बताया।
रैली में दिग्विजय सिंह बार बार राहुल गांधी को नरेंद्र मोदी के खिलाफ पार्टी अभियान की अगुवाई करने की अपील करते रहे। इसे लेकर भी पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा कि दिग्विजय सिंह के बार बार कहने से भी पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है।