धौलाकुआं गैंगरेप: पांचों आरोपियों को मिली उम्रकैद
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दामिनी गैंगरेप केस से भी ज्यादा रुह कंपा देने वाली घटना धौला कुआं गैंगरेप मामले के पांचों दोषियों को उम्रकैद और 50-50 हजार रुपए जुर्माना देने की सजा सुनाई गई है। दिल्ली की द्वारका कोर्ट इस मामले में शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रखा था।
द्वारका स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश विरेंद्र भट्ट ने पूर्वोत्तर निवासी बीपीओ कर्मी के गैंगरेप के आरोप में फरीदाबाद निवासी शमशाद उर्फ खुटकन, इकबाल उर्फ छोटी बिल्ली, शाहिद उर्फ बड़ी बिल्ली, कमरूद्दीन उर्फ कमरू उर्फ मोबाइल व उस्मान उर्फ काले को दोषी ठहराया था।
अभियोजन पक्ष ने सभी के लिए उम्रकैद मांगते हुए तर्क रखा था कि पीड़ित के दिमाग, शरीर व मन पर हमेशा दाग रहता है और वह पूरी जिंदगी इसे भुला नहीं सकती।
सदमे से हुई थी पिता की मौत
अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि दुष्कर्म से पीड़िता का मान सम्मान दांव पर लग जाता है। गैंगरेप एक जघन्य व गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में लिप्त आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी जरूरी है।
इसके अलावा युवती गुड़गांव में नौकरी करती थी जो छूट गई। वह अपने घर जाने में लिए मजबूर हो गई और घटना के बाद से ही सदमे में है। ऐसे में उसे उचित मुआवजा भी प्रदान करने का निर्देश दिया जाए।
वहीं, दोषियों के अधिवक्ता ने तर्क रखा था कि उनके मुवक्किल घटना के बाद से ही जेल में हैं और काफी गरीब परिवार से हैं। घटना के बाद शमशाद व कमरूद्दीन के पिता का सदमे से देहांत हो गया। ऐसे में उन्हें कम से कम सजा दी जाए।