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विधि-विधान से विराजमान हुए गजानन, इंटरनेट से बप्पा के दर्शन करेंगे भक्त
Sun, 23 Aug 2020 04:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 23 Aug 2020 04:51 AM IST
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मूर्ति स्थापना...
- फोटो : अमर उजाला
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गणेश चतुर्थी के अवसर पर शनिवार को विधि-विधान के साथ गणपति महाराजा विराजमान हो गए हैं। अगले दस दिनों तक सुबह और शाम दोनों पहर गणपति का श्रृंगार व पूजा-आरती का सिलसिला चलता रहेगा।
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इस बीच लक्ष्मी नगर के प्रियदर्शिनी विहार में स्थित लवली सीनियर सेकेंड्री स्कूल प्रांगण में सूर्योदय के समय दिल्ली के महाराजा गणपति की स्थापना की गई है। यहां वर्चुअल माध्यम से भक्तों को गणपति का दर्शन करने व आरती में शामिल होने की सुविधा उपलब्ध है।
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राजधानी में 'दिल्ली का राजा' गणपति महोत्सव भव्य होता है। लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते केवल समिति के सदस्यों और कुछ खास अतिथियों की मौजूदगी में ही यहां पर गणपति की स्थापना की गई।
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बनारस के पंडित माधव जी महाराज ने हवन के उपरांत मंगल मूर्ति की स्थापना कराई। हवन में श्रीगणेश सेवा मंडल के संस्थापक व अध्यक्ष महेंद्र लड्ढा, महासचिव राज कत्याल शामिल हुए। लोगों ने मास्क लगाकर सामाजिक दूरी का पालन किया।
मौके पर भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता भी उपस्थित थे। महेन्द्र लड्ढा ने बताया कि सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक फेसबुक लाइव के माध्यम से भजन-कीर्तन दिखाया जा रहा है।
पुरानी दिल्ली के मंदिर शिवाला चूड़ीवालान में भी सुबह 8 बजे ढोल-नगाड़े के साथ गणपति की स्थापना हुई। मंदिर परिसर में आम लोगों के प्रवेश पर पाबंदी रही। बाबा भक्त अजय भाई त्रिवेणी ने बताया कि 10 दिनों तक वर्चुअल माध्यम से ही गणपति महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।
मयूर विहार के प्रताप नगर निवासी जगन्नाथ त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने रात को ही गणपति की स्थापना कर दी थी। अगले दस दिनों तक गणपति को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। घर का एक न एक सदस्य उनके पास मौजूद रहेगा।