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दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के एक चौथाई मरीज लापता, नगर निगम लाचार

परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 30 Sep 2020 05:27 AM IST
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dengue - फोटो : amar ujala

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कोरोना काल में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की चपेट में आए मरीज लापता हो रहे हैं। दिल्ली में इस साल अब तक 425 में से 121 मरीजों का पता नहीं चल पाया है। इनमें 30 मरीज ऐसे भी हैं जिनके ठिकाने की अस्पतालों को ही जानकारी नहीं है, जबकि मरीजों ने अस्पताल में पंजीयन कराने के बाद जांच कराई थी। मरीजों के लापता होने से दिल्ली नगर निगम संबंधित इलाकों में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए एहतियाती कदम नहीं उठा पाता। इससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है।
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दिलचस्प यह है कि बीते एक सप्ताह में मलेरिया के 11 मरीज दिल्ली में मिले हैं, जिनमें से चार लापता का आवास नहीं मिला है। ठीक इसी तरह डेंगू के 40 में से 5 और चिकनगुनिया के 10 में से एक मरीज को नगर निगम ढूंढ नहीं सका है। वहीं, इस साल 1 जनवरी से 26 सितंबर तक मलेरिया के 149, डेंगू के 212 और चिकनगुनिया के जिन 64 मरीजों की जानकारी मिली है, उनमें से क्रमश: 37, 51 और 33 मरीजों को लापता घोषित किया गया है।


निगम प्रशासन इन तक पहुंच नहीं पाया है। इसका असर निगम की मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम की रणनीति पर पड़ता है। मरीजों का पता न मिलने से दवा के छिड़काव समेत जागरूकता कार्यक्रम संबंधित इलाके में नहीं चल पाते। ऐसे में अगर लापता मरीजों की संख्या बढ़ती है तो मच्छरजनित रोगों के प्रसार पर असर दिखाई दे सकता है। मरीज नहीं मिलने पर लार्वा की तलाश नहीं हो पाती और मच्छर आसपास के घरों में भी लोगों को अपना शिकार बना सकते हैं।

गलत नंबर या पता दे देते हैं
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के मरीज मिलने के बाद निगम की टीम उसके घर का निरीक्षण करती है। टीम मच्छरों के लार्वा को बढ़ने से रोकने का इंतजाम करती है। मच्छरजनित रोगों का यह प्रोटोकॉल होता है, लेकिन लापता होने वाले मामलों में निगम की टीम को मरीज का घर नहीं मिलता। यही नहीं, मोबाइल नंबर भी गलत होता है। इसकी वजह यह है कि मरीज गलत नंबर या पता दे देते हैं। इतना ही नहीं, अस्पताल खासतौर पर प्राइवेट से कुछ मरीजों की सही जानकारी भी नहीं मिल पाती है। इसकी वजह से भी फील्ड में मौजूद स्टाफ को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 

बाहरी राज्य के मरीज भी दिल्ली में
जानकारी के अनुसार, मच्छरजनित रोग से संक्रमित मिलने के बाद जब टीम निरीक्षण के लिए जाती है, तो अगर उसे संबंधित रोगी बाहरी राज्य का मिलता है तो उसकी अलग से निगरानी होती है। इस वर्ष दिल्ली में मलेरिया के 69, डेंगू के 65 और चिकनगुनिया से संक्रमित 9 मरीज बाहरी राज्यों के पाए गए हैं। 

लापता मरीजों की स्थिति
वर्ष    मलेरिया    डेंगू    चिकनगुनिया
2017    249    798    204
2018    199    259    60
2019    262    159    54
2020    37    51    33

हर साल अस्पताल नहीं देते जानकारी
वर्ष    मलेरिया    डेंगू    चिकनगुनिया
2018    21    65    45
2019    33    48    12
2020    06    20    04
 
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डेंगू के 40, मलेरिया के 11 और चिकनगुनिया के 10 नए मरीज मिले

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