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बिना बेड वाले क्लीनिक को ठोस कचरा प्रबंधन नीति से बाहर रखने की मांग 

Wed, 30 Sep 2020 05:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली                     
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली                      Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 30 Sep 2020 05:53 AM IST
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Demand to keep without bed clinics out of solid waste management policy
solid waste managment

दिल्ली में अस्पताल व नर्सिंग होम के लिए ठोस कचरा प्रबंधन नीति लागू है। इसे लेकर अक्सर निरीक्षण भी होते हैं। हालांकि जिन क्लीनिक में बिस्तरों की सुविधा नहीं है वहां सिर्फ ओपीडी की व्यवस्था है। लिहाजा उन्हें इस ठोस कचरा प्रबंधन नीति से बाहर रखने की मांग की जा रही है। 

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इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (आयुष) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर. पी. पाराशर ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को लिखे पत्र में बिना बिस्तरों वाले क्लीनिक से गैर चिकित्सीय कचरा उठाने के लिए दो हजार रुपये हर महीने फीस को तर्कसंगत नहीं बताया है। उन्होंने आग्रह किया है कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज में संशोधन किया जाए। पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, गृह मंत्री और पर्यावरण मंत्री को भी भेजी गई हैं।
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दरअसल बायलॉज के सेक्शन 11 के तहत दिल्ली के पांचों स्थानीय निकायों ( उतरी दिल्ली नगर निगम, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम, पूर्वी दिल्ली नगर निगम, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड व नई दिल्ली नगर पालिका) के जरिए गेस्ट हाउस, धर्मशाला, हॉस्टल, रेस्टोरेंट्स, बिना सितारा होटल, लैबोरेट्रीज आदि के साथ ही 50 बिस्तरों वाले क्लीनिक से भी 2 हजार रुपये प्रति माह की फीस वसूलने का प्रावधान है।
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50 वर्ग फीट के घरों से कूड़ा उठाने की फीस 50, 200 वर्ग फीट तक के लिए 200 और दुकानों, ढाबों व कॉफी हाउस आदि के लिए 500 रुपये निर्धारित की गई है। 

डॉ पाराशर ने बताया की बायो मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन के लिए डॉक्टरों को 5 हजार रुपये एकमुश्त फीस दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पंजीयन के लिए देनी होती है। इसके अलावा 864 रुपये प्रति माह बायो मेडिकल वेस्ट उठाने वाली कंपनी को भी देना होता है।


ऐसे में जिन क्लीनिक के पास बिस्तर की सुविधा नहीं है। फिर इन क्लीनिक से तो 50 वर्ग फीट के घर से भी कम कूड़ा निकलता है। इसलिए उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस नियम में जल्द से जल्द बदलाव होना चाहिए।

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