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Kisan Andolan News: किसान आंदोलन से बढ़ी होटलों की मांग, होने लगी एडवांस बुकिंग, गेस्ट हाउस पहली पसंद
Fri, 18 Dec 2020 05:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 18 Dec 2020 05:11 AM IST
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दिल्ली में किसान आंदोलन
- फोटो : ANI
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राजधानी की सीमाओं पर बैठे आंदोलनकारी किसानों का समर्थन करने के लिए गायक, अभिनेत्री और देश-विदेश से लोग पहुंच रहे हैं। उनके ठहरने के लिए बॉर्डरों के आसपास स्थित होटलों में एडवांस बुकिंग होने लगी है। आलम यह है कि होटलों में रुकने के लिए एक दिन पहले एडवांस बुकिंग के बाद भी आपकी पसंद के मुताबिक कमरा मिलेगा या नहीं, इसकी गारंटी नहीं है। छोटे होटल और गेस्ट हाउस की मांग अधिक है।
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हालांकि, ज्यादा रुपये खर्च करने वालों के लिए रिजॉर्ट्स और बड़े होटलों की भी सुविधा है।अलीपुर, बख्तावरपुर, नरेला, सिंघु और कुंडली रोड पर अधिकतर होटलों में आलम यह है कि अगर बुकिंग पहले नहीं कराई गई तो हो सकता है कि दिल्ली या सोनीपत के किसी होटल का रुख करना पड़े।
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दरअसल, दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर पंजाब और हरियाणा सहित देश के कई प्रदेशों से पहुंचे किसानों का समर्थन अन्य वर्ग के लोग भी कर रहे हैं। इनमें कलाकार, शिक्षाविद, अधिवक्ता आदि शामिल हैं। इस वजह से लोग अपने बजट के मुताबिक आसपास होटल और गेस्ट हाउस की तलाश में जुटे हैं। जस्ट चिल, लावण्या, दि जेहान, अलीपुर के अलावा कुंडली रोड पर भी कई होटल हैं, जहां रुकने के लिए पहले से ही बुकिंग कराई जा रही है।
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किसानों का ट्रैक्टर में आशियाना
कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर डटे किसानों का लक्ष्य एक ही है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, वे घर नहीं जाएंगे। इसलिए उन्होंने टेंट, ट्रैक्टर-ट्रॉली या नजदीक के मेमोरियल हॉल में ठिकाना बना रखा है। किसानों का कहना है कि अपने परिवारों को छोड़कर वे अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें खेत में भी हर मौसम से जूझने की आदत है। हालांकि, शौचालय कम होने की वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए भी हो रही है तलाश
दूरदराज या विदेश से पहुंचने वाले अपने रिश्तेदारों के लिए भी अच्छे कमरों की तलाश करने वाले कम नहीं। इंग्लैंड से पहुंचे एक रिश्तेदार और दोस्त के लिए भी अच्छे होटल की तलाश मे कुछ युवक दिखाई दिए। एक होटल के मैनेजर ने बताया कि उनके यहां 25 कमरे हैं, लेकिन एक दिन पहले बुकिंग करानी होगी। एक रिजॉर्ट के मैनेजर ने बताया कि उनके यहां स्टार होटल की सुविधा मिलेगी, परंतु एक डीलक्स रूम का किराया 4000-5000 रुपये के बीच है। उन्होंने माना कि आंदोलन में सभी वर्गों के लोग शामिल हो रहे हैं, इसलिए कमरों की मांग बढ़ी है। बजट होटल में किराया 2500 रुपये के करीब है।
गेस्ट हाउस पहली पसंद
हाइवे के इर्द-गिर्द मोटल्स अधिक हैं। बड़े होटल और रिजॉर्ट्स भी हैं, लेकिन गेस्ट हाउस की अधिक मांग है। लोग एक हजार रुपये से कम के छोटे होटल की तलाश कर रहे हैं। कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें 400-500 रुपये में रात बिताने के लिए एक कमरे की तलाश है।