फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi: You can reduce the risk of diabetes by losing weight.

Delhi : वजन घटाकर कम कर सकते हैं मधुमेह का खतरा, रोज 10 हजार कदम चलने पर मिल रहा अच्छा परिणाम

Sat, 10 Aug 2024 02:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 10 Aug 2024 02:19 AM IST
सार

डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग में आए मधुमेह रोगियों में वजन घटाने पर स्तर में कमी पाई गई है। ऐसा देखा गया है कि जो मरीज पहले मधुमेह की बॉर्डर लाइन पर थे, वह प्री डायबिटीज में आ गए। वहीं प्री डायबिटीज के मरीजों का मधुमेह स्तर सामान्य हो गया।

विज्ञापन
Delhi: You can reduce the risk of diabetes by losing weight.
विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना 10 हजार कदम चलने वाले लोगों में मधुमेह होने का खतरा कम रहता है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वजन घटाकर मधुमेह के खतरे को कम किया जा सकता है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग में आए मधुमेह रोगियों में वजन घटाने पर स्तर में कमी पाई गई है। ऐसा देखा गया है कि जो मरीज पहले मधुमेह की बॉर्डर लाइन पर थे, वह प्री डायबिटीज में आ गए। वहीं प्री डायबिटीज के मरीजों का मधुमेह स्तर सामान्य हो गया।

विज्ञापन


विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना 10 हजार कदम चलने वाले लोगों में मधुमेह होने का खतरा कम रहता है। इसके अलावा यदि कोई प्री डायबिटीज भी हो गया तो उनमें भी सुधार होता है। घटी शारीरिक गतिविधियों के कारण युवाओं में मधुमेह का स्तर बढ़ रहा है। इसके रोकने के लिए खानपान में बदलाव के साथ शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाना होगा।
विज्ञापन


अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. पुलिन गुप्ता ने बताया कि विभिन्न शोध बताते हैं कि पांच से 10 किलो तक वजन घटाने पर मधुमेह के स्तर में तेजी से सुधार होता है। यदि कोई प्रतिदिन 10 हजार कदम चलता है तो मधुमेह होने का खतरा कम रहता है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोगों की शारीरिक बनावट में हाथ-पैर पतले और पेट मोटा होता है। इसके अलावा खाने में प्रोटीन की मात्रा कम और कार्बोहाइड्रेट की ज्यादा होती है। इसके कारण अन्य देशों के मुकाबले भारतीयों में मधुमेह होने की आशंका ज्यादा रहती है। इससे बचने के लिए खानपान में सुधार के साथ शारीरिक गतिविधि को बढ़ाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. पुलिन ने कहा कि विभाग की ओपीडी में रोजाना करीब एक हजार मरीज इलाज करवाने आते हैं। इनमें करीब 200 मरीज मधुमेह के कारण इलाज करवाने आते हैं। इन 200 मरीजों में करीब 35 फीसदी आंकड़ा युवाओं का होता है। यह आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है। पहले 50 साल के बाद के लोगों में मधुमेह होने की आशंका ज्यादा रहती थी।


मधुमेह रोगियों में बढ़ीं समस्याएं
मधुमेह के करीब 75 फीसदी रोगियों में फैटी लीवर की समस्या बढ़ी है। इसके अलावा किडनी, दिल सहित दूसरे रोग भी बढ़ रहे हैं। इसे रोकने के लिए मधुमेह के स्तर को कम करना होगा। साथ ही जरूरत के आधार पर विशेषज्ञ से भी सलाह लेनी चाहिए।

बहुत कम या न करें इनका सेवन

  • चावल, आलू, केला चिप्स, अरबी, शकरकंद

खाने में इनका करें सेवन

  • दूध, दही, पनीर, सोयाबीन, चाप, दाल, अंडा व अन्य

मधुमेह कम करने के लिए यह करें

  • तनाव कम करें
  • योग व ध्यान
  • कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन
  • व्यायाम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed