Delhi : संक्रमण के कारण महिलाएं दे रही हैं बच्चों को समय-पूर्व जन्म, बीते 10 साल से मामलों में लगातार वृद्धि
ऐसे बच्चों में विकास से जुड़ी परेशानियां होती हैं। दूसरे गंभीर रोग होने की भी आशंका बढ़ जाती है।
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निजी अंग में संक्रमण के कारण महिलाओं को समय से पूर्व बच्चों के जन्म से समस्याएं हो रही हैं। साथ ही ऐसे बच्चों में विकास से जुड़ी परेशानियां होती हैं। दूसरे गंभीर रोग होने की भी आशंका बढ़ जाती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि रोग की रोकथाम के बारे में जानकारी होने के बाद भी देश में पिछले दस साल में इस दिशा में कोई खास प्रगति नहीं हुई। मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मौजूदा समय में करीब 15 फीसदी डिलीवरी में बच्चे समय से पूर्व जन्म ले रहे हैं। इन बच्चों का जन्म साढ़े छह माह से आठ माह के गर्भकाल के दौरान होता है।
ऐसे बच्चों को जन्म के तुरंत बाद छह से आठ सप्ताह निओनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (नीकू) की जरूरत होती है।
एम्स की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रमुख डॉ. नीना मल्होत्रा ने बताया कि महिलाओं में संक्रमण समय से पूर्व डिलीवरी के पीछे एक बढ़ा कारण है। देखा गया है कि महिलाओं के निजी अंग में संक्रमण हो जाता है। ऐसी समस्याओं को महिलाएं रोक सकती हैं। समस्या होने पर तुरंत उपचार करवा सकती हैं, लेकिन महिलाओं में लापरवाही देखी गई है।
डॉ. मल्होत्रा ने कहा कि ऐसी महिलाओं में समस्या की रोकथाम के लिए प्रयास किया जा रहा है, लेकिन आधे महिलाओं में कारण का पता ही नहीं चलता। यहीं कारण है कि रोग की गंभीरता को जानने के बाद भी डॉक्टर चाह कर भी कुछ नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि करीब 15 फीसदी महिलाएं समय से पूर्व बच्चे को जन्म देती हैं। वहीं एम्स में डिलीवरी करवा रही महिलाओं में यह आंकड़ा 35 फीसदी तक है।
इलाज और दवा मौजूद, राहत नहीं
समय से पूर्व बच्चे को जन्म दे रही महिलाओं के उपचार के लिए दवा और इलाज मौजूद है लेकिन कई कारणों से समस्या कम नहीं हो रही। डॉ. मल्होत्रा ने कहा कि देखा गया है कि ऐसी महिलाओं में इंजेक्शन लगाने के बाद भी दर्द जल्द शुरू हो जाता है। ऐसी 30 फीसदी महिलाओं में कारण का पता नहीं चल पाता।
- प्रसव के दौरान मौत का बड़ा कारण ः समय से पूर्व बच्चे का जन्म प्रसव के दौरान बच्चे की मौत का सबसे बड़ा कारण है।
ज्यादा उम्र में शादी से हो रही दिक्कत
पश्चिमी देशों के मुकाबले भारतीय महिलाओं में ओवरी 5-6 साल पहले विकसित हो जाती है। चीन और सिंगापुर की तरह भारत में भी अनुवांशिकीय, पर्यावरण सहित दूसरे कारण से महिलाओं में बदलाव आता है। लेकिन भारत में अब महिलाएं पश्चिमी देशों की तरह देर से शादी कर रही है जिस कारण उन में समस्याएं बढ़ गई है। ऐसी महिलाओं में देखा गया है कि इनके बच्चे समय से पूर्व पैदा होते हैं। इनमें कई तरह की समस्या होती हैं।