Delhi Weather: राजधानी में शीतलहर से थोड़ी राहत तो मिली लेकिन कड़ाके की ठंड बरकरार, कई इलाकों में घना कोहरा
मौसम विभाग ने दिल्ली में अगले 4 दिन तक शीतलहर चलने की संभावना तो नहीं जताई लेकिन कोहरे यलो अलर्ट जारी किया है।
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दिल्ली के लोगों को शीतलहर से थोड़ी राहत मिली, लेकिन कड़ाके की ठंड अब भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने दिल्ली में अगले 4 दिन तक शीतलहर चलने की संभावना तो नहीं जताई लेकिन कोहरे का यलो अलर्ट जारी था। अनुमान के मुताबिक आज भी एनसीआर के कई हिस्सों में घना कोहरा है। कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी है।
#WATCH | Delhi | A layer of toxic smog engulfs the national capital. Visuals from the Moti Bagh area. CPCB claims that the AQI in the area is at '466', categorised as 'Severe'. GRAP-III restrictions reimposed in Delhi-NCR. pic.twitter.com/iqe6S8zso7
— ANI (@ANI) January 18, 2026
मौसम विभाग ने इस हफ्ते 19 और 21 जनवरी को बैक-टू-बैक दो पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना जताई है। शनिवार की सुबह दृश्यता कोहरे के चलते कम रही। हालांकि, दोपहर आते-आते सूर्यदेव ने दर्शन दिए, इससे लोगों को कुछ राहत मिली। लेकिन, शाम को फिर तेज ठंडी हवाओं ने गलन बढ़ा दी।
अधिकतम तापमान सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक 22.5 जबकि न्यूनतम पारा 4.4 डिग्री दर्ज हुआ। यह सामान्य से 3.2 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान दिल्ली के विभिन्न इलाकों में शीतलहर और कोहरे की स्थिति महसूस की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 18 जनवरी को न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा सकता है। 19 से लेकर 21 जनवरी तक दिल्ली के इलाकों में छिटपुट हल्के बादलों की मौजूदगी देखी जा सकती है। वहीं, 19 और 20 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोनों ही दिन दोपहर के वक्त हवा की गति महज 5 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। संवाद
सर्दी बढ़ते ही ऑर्थोपेडिक मरीजों की बढ़ी परेशानी
दिल्ली-एनसीआर में लगातार पड़ रही ठंड के बीच हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेज़ी से इजाफा हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार सर्दियों में इन समस्याओं के मामले सामान्य दिनों की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं। ओपीडी में आने वाले कई मरीजों को चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने, झुकने और गर्दन घुमाने में तकलीफ हो रही है। बुजुर्गों के साथ-साथ अब युवा वर्ग में भी सर्वाइकल और कमर दर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं।
पेन किलर विकल्प नहीं
ईस्ट दिल्ली स्थित गुरू तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ प्रवीण कुमार ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग दर्द होने पर बिना जांच के पेन किलर लेना शुरू कर देते हैं। इससे कुछ समय के लिए दर्द दब जाता है, लेकिन बीमारी जड़ से ठीक नहीं होती। लंबे समय तक पेन किलर लेने से पेट, किडनी और लीवर पर बुरा असर पड़ सकता है, वहीं बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेती है।