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दिल्ली हिंसा :अदालत ने ठुकराई परिजनों से मिलने की उमर खालिद की मांग
Mon, 21 Sep 2020 11:04 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Mon, 21 Sep 2020 11:04 PM IST
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उमर खालिद
- फोटो : फाइल फोटो
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अदालत ने दिल्ली दंगों की साजिश के सिलसिले में गिरफ्तार जेएनयू पूर्व छात्रनेता उमर खालिद की परिजनों से मिलने की मांग को खारिज कर दिया। उमर खालिद ने पुलिस रिमांड में परिजनों से मिलने की मांग की थी। उमर खालिद 24 सितंबर तक दस दिनों की पुलिस रिमांड में है। उसे अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत 13 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
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कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने 19 सितंबर को उमर खालिद का आवेदन खारिज करते हुए कहा इसमें कोई दम नहीं है। हालांकि अदालत ने उमर खालिद के वकील को पुलिस कस्टडी में रोजाना 30 मिनट उससे मिलने की अनुमति दी थी।
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आरोपी से उसके वकील 14 सितंबर से रोजाना मिल रहे हैं। वकील ने उमर खालिद की सुरक्षा को लेकर भी आशंका जाहिर की थी। इस पर संबंधित डीसीपी को आरोपी की सुरक्षा पुख्ता रखने के लिए कहा गया था।
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कोर्ट में अपने वकील के जरिये उमर खालिद ने आवेदन दायर कर कहा था कि पुलिस ने मौखिक तौर पर रिमांड के दौरान परिजनों से मुलाकात का आश्वासन दिया था लेकिन उसकी मुलाकात नहीं करवाई गई। उसके वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस रिमांड काफी लंबा है और इसलिए उमर खालिद को परिजनों से मिलने से वंचित नहीं किया जा सकता। इसलिए उसे रोज 30 मिनट परिजनों से मुलाकात का निर्देश दिया जाए।
दिल्ली पुलिस ने आवेदन के जवाब में कहा कि कोर्ट के आदेश के अनुसार उमर खालिद की मुलाकात रोजाना 30 मिनट उसके वकील से करवाई जाती है। उसके माध्यम से वह अपने परिजनों को संदेश दे सकता है। उसके वकील ने यह भी दलील दी कि अदालत चाहे तो उसके मुलाकात के समय को परिजनों की मुलाकात से बदल सकती है। हालांकि अदालत ने इन दलीलों को मानने से इनकार कर दिया।