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Delhi: विधानसभा में पेयजल संकट पर हंगामा, कालकाजी और देवली में पानी की किल्लत पर आप विधायकों ने सरकार को घेरा
Sat, 09 Aug 2025 01:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 09 Aug 2025 01:58 AM IST
सार
आतिशी ने गोविंदपुरी इलाके में पानी की भारी किल्लत की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस बार गर्मी अपेक्षाकृत कम रही, फिर भी क्षेत्र में जल संकट गहराया है।
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दिल्ली विधानसभा
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
विधानसभा में पेयजल संकट और गिरते भूजल स्तर पर भाजपा विधायक जितेंद्र महाजन ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा। इस पर जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी के विधायकों की टोका-टोकी के बीच कहा कि हर घर तक पाइपलाइन से जल आपूर्ति नहीं होने तक बोरवेल बंद नहीं किए जाएंगे। उन्होंने एलान किया कि सरकार बोरवेल को नियमित करने की नीति ला रही है ताकि जल संकट से जूझ रही कॉलोनियों को राहत मिल सके।
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प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के पास अब तक कोई प्रभावी प्रवर्तन एजेंसी नहीं थी। अब ऐसी टीम बनाई जा रही है जो अवैध बोरवेल, टैंकर माफिया और उन फाइव स्टार होटलों व बैंक्वेट हॉल पर शिकंजा कसेगी जो भूजल का दोहन कर रहे हैं, लेकिन न तो जल बोर्ड से कनेक्शन लिया है न ही बिल भर रहे हैं।
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मंत्री ने पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बिना किसी योजना के कॉलोनियों में पाइप और सीवर लाइनें बिछाई गईं। इससे पानी का रिसाव और बर्बादी बढ़ी। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि संगम विहार में सात करोड़ की लागत से डाली गई जल पाइपलाइन कभी चालू ही नहीं हुई और अब उसे सुधारने के लिए फिर से चार करोड़ की मांग की जा रही है।
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जितेंद्र महाजन ने प्रस्ताव में दिल्ली को डे जीरो जैसी स्थिति की चेतावनी दी, जहां नलों में पानी पूरी तरह बंद हो सकता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली की दिन की आबादी तीन करोड़ तक पहुंचती है, जबकि जल आपूर्ति मात्र 4546 एमएलडी है, जबकि मांग 5862 एमएलडी से अधिक है। वजीराबाद और चंद्रावल जल संयंत्रों की क्षमता यमुना में घटते जल स्तर के कारण प्रभावित हो रही है। साथ ही, भूजल स्तर भी सालाना दो से चार मीटर तक गिर रहा है।
महाजन ने दिल्ली जल बोर्ड की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि उस पर 1.42 लाख करोड़ रुपये का बकाया और 70,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। पाइपलाइन लीकेज, जल चोरी और असमान वितरण के कारण 58 प्रतिशत पानी गैर-राजस्व जल के रूप में बर्बाद हो रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।
उधर, प्रवेश वर्मा ने स्वीकार किया कि जल बोर्ड की व्यवस्थाओं में कई खामियां हैं, लेकिन उनकी सरकार स्थिति सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अगर 40 प्रतिशत जल नुकसान को 10-15 प्रतिशत तक लाया जाए तो दिल्ली की जल जरूरतें पूरी की जा सकती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सक्रियता का हवाला देते हुए कहा कि जल सेवा एप से अब टैंकरों की निगरानी पारदर्शी हो गई है।
कालकाजी और देवली में पानी संकट पर आप विधायकों ने सरकार को घेरा
विधानसभा में आम आदमी पार्टी की विधायक और नेता प्रतिपक्ष आतिशी और देवली विधायक प्रेम चौहान ने अपने-अपने क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्या को लेकर सरकार काे घेरा। आतिशी ने गोविंदपुरी इलाके में पानी की भारी किल्लत की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस बार गर्मी अपेक्षाकृत कम रही, फिर भी क्षेत्र में जल संकट गहराया है।
उन्होंने बताया कि सीलाल चौक यूजीआर से जलापूर्ति में कमी आई है और लगातार पावर कट की वजह से बोरवेल की मोटरें सही तरीके से काम नहीं कर रही हैं। पावर फेज बदलने पर मोटर अपने आप चालू नहीं होती, जिससे सप्लाई के समय पानी नहीं पहुंच पाता। आतिशी ने जल मंत्री से अपील की कि वे गोविंदपुरी की गली नंबर 5, 6, 7, 8 और 13 की समस्या पर संज्ञान लें और समाधान कराएं।
वहीं देवली के विधायक प्रेम चौहान ने पानी की चोरी को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि सोनिया विहार से आने वाली लाइन से कुछ लोग डेढ़-दो लाख लीटर क्षमता के टैंक भरकर आगे सप्लाई रोक देते हैं। उन्होंने कहा कि इस अवैध जल भंडारण के सबूत फोटो और लोकेशन सहित जल बोर्ड को कई बार सौंपे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
चौहान ने बताया कि देवली विधानसभा क्षेत्र पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर है और इस बार टैंकरों की संख्या घटाकर 50 कर दी गई है, जबकि कम से कम 70 टैंकर जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र को 12 एमजीडी के मुकाबले सिर्फ 3.8 एमजीडी पानी मिल रहा है। यदि पानी की चोरी रोकी जाए और 1-2 एमजीडी पानी बढ़ सकता है।