DU में नीम के पेड़ पर खुला फ्री ओपन बार, यहां बीयर लेने वालों की लगती है लंबी लाइन
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क्या आप जानते हैं कि दिल्ली विश्वविद्यालय में एक ओपन बार है जो बिल्कुल फ्री है। नहीं सुना तो पढ़िए हमारी ये स्टोरी जिसमें हम आपको डीयू के एक ओपन बार के बारे में बता रहे हैं।
डीयू में स्थित ये बार कोई ऐसा वैसा बार नहीं बल्कि गरीबों के लिए किसी सुखद एहसास से कम नहीं है। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक खबर के अनुसार दिल्ली का यह बार एक नीम के पेड़ पर स्थित है। बल्कि लोग इसे 'नीम बीयर' के नाम से ही जानते हैं।
दरअसल यह 'नीम बीयर' नॉर्थ कैंपस में लगे नीम के एक पेड़ से ही निकलता है। ये पिछले 4 महीने से नॉर्थ कैंपस व उसके आसपास में काम करने वाले मजदूर वर्ग के लोगों में काफी लोकप्रिय है और इसे पाने के लिए लोगों की लाइन भी लगती है।
पिछले चार महीने से निकल रहा है 'नीम बीयर'
दरअसल नवंबर 2016 से एक नीम के पेड़ से सफेद रंग का एक तरल पदार्थ निकल रहा है जिसकी खुश्बु शराब से मिलती जुलती है और स्वाद में यह कुछ कड़वा है। लेकिन कैंपस और इसके आसपास के लोग इसे इकट्ठा करते हैं ताकि इसे पी सकें। नॉर्थ कैंपस के प्रमुख माली का कहना है कि लोग बता हैं कि यह तरल पदार्थ नशीला होत है।
गौरतलब है कि नॉर्थ कैंपस के पीछे रग्बी स्टेडियम के पास लगभग 15 नीम के पेड़ हैं जो 50 साल से भी पुराने हैं। लेकिन इनमें से केवल एक पेड़ है जिसमें से इस तरह का रस निकल रहा है, वो भी 10 लीटर प्रतिदिन।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में एनवायरनमेंट मैनेजमेंट ऑफ डीग्रेडेड इकोसिस्टम्स के प्रोफेसर सीआर बाबू का कहना है कि इस तरह की कोई भी घटना हम दिल्ली में पहली बार देख रहे हैं।
10 फीट दूर से आती है बीयर की खुश्बू, बीमार हो सकता है ये पेड़
आप इस पेड़ से निकलने वाले बीयर जैसे रस की खुश्बू लगभग 10 फीट दूर से ही महसूस कर सकते हैं। एक मजदूर ने इस रस के बारे में बताया कि उसने इसके दो-तीन ग्लास पिये लेकिन वो बीमार नहीं पड़ा। उसके लगता है कि नीम का पेड़ होने की वजह से इसमें कुछ औषधिय गुण भी होंगे।
किसी ने उस जगह पर बाल्टी भी बांध रखी है जहां से यह नीम बीयर निकलता है ताकि एक भी बूंद वेस्ट ना हो। डीयू में एनयवारनमेंट स्टडीज विभाग के वैज्ञानिक इस लिक्विड पर शोध भी कर रहे हैं।
उन्हें लगता है ये पेड़ों में से निकलने वाले टॉडी की जगह पेड़ के अंदर चल रही कोई माइक्रोबियल एक्टिविटी है। ऐसा ही एक वाकया वाराणसी में भी कुछ साल पहले हुआ था। उस वक्त टेस्ट से पता चला था कि उसमें वो एसिड बन रहे थे जो एस्पिरिन में बनते हैं।
वहीं एक्सपर्ट्स का कहना है कि नीम से निकलने वाले इस रस का ना पिएं क्योंकि यह पेड़ रोगी भी हो सकता है। और इसमें बैक्टिरीयल इंफेक्शन भी हो सकते हैं।