किराए पर डीडीए फ्लैट लेकर बनवा लेते थे फर्जी पेपर, बाद में बैंक से ले लेते थे लोन, दो गिरफ्तार
डीडीए फ्लैट किराए पर लेकर बाद में उनके नकली पेपर तैयार करवाकर बैंक से लोन लेकर ठगी करने वाले गैंग के दो बदमाशों को अपराध शाखा ने दबोचा है। आरोपियों की पहचान सेक्टर-23, सोनीपत, हरियाणा निवासी सतीश कुमार उर्फ अनिल जैन उर्फ सुमित सिन्हा उर्फ राजेश कुमार सिंह (54) और दिल्ली निवासी मुकेश जुनेजा (40) के रूप में हुई है।
आरोपियों ने दिल्ली में दर्जनों बैंक से करोड़ों रुपये ठगे हैं। पुलिस पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। अपराध शाखा की पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि पीड़ित राजेश कुमार ने शाहबाद डेयरी थाने में ठगी की शिकायत दी थी।
अपनी शिकायत में राजेश कुमार ने बताया था कि वर्ष 2015 में अनिल जैन नामक शख्स ने पॉकेट-6 स्थित उनका फ्लैट किराए पर लिया था। अगले छह माह बाद अनिल ने फ्लैट को खाली कर दिया। इस बीच उन्हें पता चला कि अनिल जैन ने उनके फ्लैट के फर्जी पेपर तैयार कर 66 लाख रुपये का लोन ले लिया था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
बाद में मामला अपराध शाखा को ट्रांसफर हो गया। एसीपी संदीप लांबा और इंस्पेक्टर नीरज चौधरी की टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान टीम ने आरोपी अनिल जैन उर्फ सतीश कुमार की लोकेशन का पता किया। शनिवार को एक सूचना के बाद सतीश कुमार उर्फ अनिल जैन को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने सहयोगी मुकेश कुमार के साथ मिलकर ठगी की वारदात को अंजाम देता है। सतीश से पूछताछ के बाद पुलिस की टीम ने रोहिणी इलाके से मुकेश कुमार को भी दबोच लिया।
आरोपियों ने बताया कि वह पहले डीडीए फ्लैट किराए पर लेते थे। इसके बाद उसके फर्जी पेपर के आधार पर निजी बैंक से लोन ले लिया जाता था। लोन लेने के बाद आरोपी वहां से फरार हो जाते थे। आरोपियों ने खुलासा किया है कि वह दर्जनों वारदातों में शामिल रहे हैं। पुलिस पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों ने अब तक कुल कितने बैंक से कितनी रकम ठगी।