फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi: Silence prevails in Malviya Nagar after the fire

Delhi: अग्निकांड के बाद मालवीय नगर में पसरा सन्नाटा, बंद रहीं दुकानें; अब आसपास के होटल भी खाली कर रहे हैं लोग

Fri, 05 Jun 2026 01:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 05 Jun 2026 01:49 AM IST
सार

जिस होटल से बुधवार को लोगों की चीख पुकार, मदद की गुहार और अफरा तफरी की आवाजें सुनाई दे रही थीं, वहां बृहस्पतिवार को सन्नाटा पसरा रहा।

विज्ञापन
Delhi: Silence prevails in Malviya Nagar after the fire
मालवीय नगर हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मालवीय नगर अग्निकांड के एक दिन बाद पूरे इलाके का माहौल तरह बदल गया है। जिस होटल से बुधवार को लोगों की चीख पुकार, मदद की गुहार और अफरा तफरी की आवाजें सुनाई दे रही थीं, वहां बृहस्पतिवार को सन्नाटा पसरा रहा। होटल की इमारत बुरी तरह झुलसी हुई दिखाई दी। आसपास की कई दुकानें बंद रहीं और सड़क पर पड़े गीले गद्दे, टूटा सामान तथा दीवारों पर पड़े आग के निशान इस दर्दनाक हादसे की कहानी बयां करते नजर आए।

विज्ञापन


हादसे के अगले दिन मौके पर लोगों की भीड़ नहीं थी। केवल पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और कुछ स्थानीय लोग ही आसपास दिखाई दिए। होटल के बाहर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति इमारत के अंदर न जा सके। आग लगने के कारण होटल के कई हिस्से पूरी तरह काले पड़ चुके हैं। खिड़कियों के शीशे टूट गए हैं और कई जगहों पर दीवारों का प्लास्टर भी झड़ गया है।
विज्ञापन


लोगों के जहन में हैं अब भी वो डरावने दृश्य : हादसे के बाद अब भी मालवीय नगर निवासी डर के साए में हैं। स्थानीय दुकानदार फरहान ने बताया कि आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं और दूर दूर तक धुआं दिखाई दे रहा था। लोगों की चीखें सुनकर हर कोई घबरा गया था। उन्होंने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। आसपास के लोग भी मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग की लपटें तेज होने के कारण होटल के करीब जाना मुश्किल हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बृहस्पतिवार को जब सभी लोग हादसे वाली जगह से गुजरे तो उनकी आंखों के सामने एक बार फिर बुधवार की घटनाएं ताजा हो गईं। उन्होंने अपने जीवन में इतना भयावह मंजर पहले कभी नहीं देखा। वहीं कई दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपनी दुकानें बंद रखीं। पास की कई दुकानों में भी धुआं घुस गया था, जिसके कारण सामान को नुकसान पहुंचा है।

विदेशी नागरिकों ने छोड़े आसपास के होटल
विदेशी नागरिकों समेत अन्य अतिथियों ने भोजन और बिजली की व्यवस्था न होने का हवाला देते हुए कमरों को खाली करना शुरू कर दिया है। इलाके में भय और अनिश्चितता के माहौल के बीच कुछ मकान मालिकों और होटल मालिकों ने उनके यहां ठहरे हुए लोगों से कमरे खाली करने को कहा है। लंबे समय से इलाके के एक गेस्ट हाउस में रह रहे एक अन्य विदेशी नागरिक बिलुंगा मुकासा ने बताया कि इस हादसे ने लोगों को डरा दिया है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद लोग सहमे हुए हैं। कई मेहमान यहां से जा रहे हैं और कुछ दूसरे स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था तलाश रहे हैं क्योंकि अब उन्हें यहां रहना सुरक्षित नहीं लग रहा। चिकित्सा उपचार के लिए दिल्ली आई उज्बेकिस्तान की एक महिला ने बताया कि घटना के बाद उनके गेस्ट हाउस में रहने वाले लोगों को परिसर खाली करने के लिए कहा गया है।

इलाके का बदला मूल स्वरूप
करीब 40 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रही एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि पिछले एक दशक में गेस्ट हाउस और मुसाफिरखानों (इन) की बढ़ती संख्या के कारण इलाके का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। उन्होंने कहा कि ग्रीन रेजिडेंसी में आमतौर पर काफी चहल-पहल रहती है, लेकिन आज वह बंद है। गेस्ट हाउस और मुसाफिरखानों की यह संस्कृति पिछले लगभग 10 वर्षों में ही शुरू हुई है। इससे पहले यह मुख्य रूप से आवासीय क्षेत्र हुआ करता था।


सड़क पर पड़े गीले गद्दे बता रहे दर्दनाक कहानी
होटल के बाहर सड़क किनारे पड़े गीले गद्दे और अन्य सामान लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। आग बुझाने के दौरान गद्दों और सामान पर बड़ी मात्रा में पानी डाला गया था। बृहस्पतिवार को भी यह सामान वहीं पड़ा दिखाई दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यही सामान उन कमरों का हिस्सा था जहां लोग ठहरे हुए थे। अब यह सामान पूरी तरह खराब हो चुका है। गीले गद्दे और जले हुए कपड़े हादसे की भयावहता को साफ तौर पर दिखा रहे हैं। होटल के आसपास कई जगहों पर कालिख जमी हुई है। दीवारों और बिजली के तारों पर आग के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। इन निशानों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि आग कितनी भीषण रही होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed