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दिल्ली: अपहरण व दुष्कर्म मामले में पीड़िता के विरोधाभासी बयानों के आधार पर आरोपी को मिली जमानत
Sun, 30 May 2021 10:02 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sun, 30 May 2021 10:02 AM IST
सार
न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने अपने फैसले में कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी लेकिन उसके द्वारा बार-बार बयानों में विरोधाभास पाया गया है।
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दिल्ली पुलिस
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
हाईकोर्ट ने नाबालिगा के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में पीड़िता के बयानों व अन्य तथ्यों को संदेह के दायरे में लेते हुए आरोपी अरुण को जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने कह कि पीड़िता के विरोधाभासी पूर्ण बयानों के आधार पर आरोपी जमानत पाने का हकदार है।
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न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने अपने फैसले में कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी लेकिन उसके द्वारा बार-बार बयानों में विरोधाभास पाया गया है। उसने पहले कहा कि आरोपी को वह पहले से जानती नहीं थी और उसके पड़ोस में रहने वाला आकाश उसे अरूण के घर ले गया था जबकि पीड़ित के मोबाइल फोन रिकार्ड से स्पष्ट है कि वे दोनों काफी दिनों से एक दूसरे से बात करते थे।
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इसी प्रकार पीड़िता ने अपने बयान में यह भी कहा है कि वह अपने ससुर के साथ दिल्ली गई थी। इससे साफ है कि वह आरोपी का पति मानकर ही ऐसा कह रही है लेकिन अभियोजन पक्ष दोनों के विवाह की एक भी फोटो पेश नहीं कर पाए। इसके अलावा अरूण अपने घर में पिता के अलावा दो विवाहित बहनों व बहनाई के साथ रह रहा था और उनका मकान भी अत्याधिक भीड़ वाले इलाके में है।
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ऐेसे में उसने कभी भी शौर मचा कर पडोस से सहायता नहीं मांगी। इसके अलावा मेडीकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टी नहीं हुई। ऐसे में उनका मानना है कि उसका अपहरण हुआ या मारपीट यह ट्रायल कोर्ट का मामला है लेकिन उनका मानना है कि विरोधाभासी बयान के आधार पर आरोपी जमानत का हकदार है।
अदालत ने आरोपी को दस हजार के व्यक्तिगत मुचलके व एक अन्य जमानत राशि पर रिहा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने उसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पीड़िता से संपर्क न करने का भी निर्देश दिया है।
इससे पूर्व बचाव पक्ष ने तर्क रखा कि उनके मुवक्किल को फर्जी मामले में फंसाया गया है। पीड़िता के परिवार के सदस्य उसका जबरन पैसे के लालच में किसी विकलांग व्यक्ति से विवाह करना चाहते थे इसी कारण वह आकाश के साथ घर छोड़ दिया।
आकाश उसे लेकर अरूण के घर गया व अरूण ने उसे अपने माता-पिता के घर जाने को कहा कि तो उसने धमकी दी कि यदि उसे घर में नहीं रहने दिया तो वह आत्महत्या कर लेगी। इतना ही नहीं पीड़िता ने अपने मोबाइल की सिम भी स्वयं तोड़ दी ताकि उसके परिवार के सदस्य उसे न ढूंढ पाए। वहीं पुलिस ने कहा कि आरोपी जबरन उसे अपने घर में रखे हुए था और एक मंदिर में विवाह कर लिया था।