दिल्ली: एसडीएमए की बैठक में होम आइसोलेशन की एसओपी में बदलाव को मंजूरी, गृह मंत्रालय ने 21 जून को लिया था फैसला
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने गुरुवार को एसडीएमए की बैठक में कहा कि कोरोना वायरस पॉजिटिव उन सभी मरीजों को कोविड केयर सेंटर में जाना आवश्यक होगा जिनके पास घर में एक दूसरे से शारीरिक रूप से अलग रहने और दूसरी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि एसडीएमए ने कोरोना के स्थानीय प्रसार को रोकने और लोगों को समय पर स्वास्थ सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से होम आइसोलेशन की एसओपी में बदलाव को मंजूरी दी है।
Health Dept to deploy robust surveillance mechanism.Only COVID positive cases who don't have adequate facilities at home to ensure physical segregation&don't have other medical conditions would require to be shifted to COVID Care Centres&other facilities:Delhi Lieutenant Governor pic.twitter.com/dAdVCPPBq9
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 25, 2020
इस पर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों के क्वारंटीन सेंटर जाने की व्यवस्था को केंद्र सरकार ने वापस ले लिया है। अब दिल्ली में फिर से वही व्यवस्था लागू हो गई है कि अगर आपको कोरोना है तो आप अपने घर पर ही रहें, वहीं आकर मेडिकल की टीम आपकी जांच करेगी।
Today's SDMA decision on home isolation of COVID-19 positive patients in Delhi is a reaffirmation of the decision taken at the meeting held by Union Home Minister Amit Shah on 21st June & communicated to Delhi Govt on 22 June: Spokesperson, Ministry of Home Affairs https://t.co/Wu2eL0jFcz pic.twitter.com/MsRb0AvRtG
— ANI (@ANI) June 25, 2020
केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि आज एसडीएमए की बैठक में कोरोना रोगियों के होम क्वारंटीन पर लिया गया फैसला, 21 जून को गृह मंत्री द्वारा लिए गए निर्णय की पुन: पुष्टि है। इसके बारे में 22 जून को दिल्ली सरकार को सूचित किया गया था।