फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi public school student makes school adopt baoli.

एक किशोर ने संत-महात्माओं को दे दी टक्कर

Thu, 11 Sep 2014 08:48 PM IST
Updated Thu, 11 Sep 2014 08:48 PM IST
विज्ञापन
Delhi public school student makes school adopt baoli.

प्रिंसिपल डीआर सैनी का कहना है कि अक्टूबर में फिर कुछ कुओं को एडॉप्ट किया जाएगा। जिस पर सभी कक्षाओं के छात्रों को खास प्रोजक्ट दिए जाएंगे। इसमें आरके पुरम स्थित एक वो कुआ भी है, जो लोदी वंश के वक्त बना था। इसकी बनावट बेहद आकर्षक और कठिन है, इसके पास एक ही जगह पर तीन मकबरे और एक मस्जिद बनी हुई है।

विज्ञापन


आदित्य की रिसर्च के अनुसार उस खास कुएं की बनावट कुछ इस तरह की है कि उसे यात्रियों के लिए आराम करने के तौर पर भी उपयोग किया जा सकता है। इसके साफ-सफाई की स्कूली बच्चे करते हैं। आदित्य ने बताया कि उस कुएं की तस्वीर देखकर स्कूल के बहुत सारे बच्चे अचम्भे रह गए थे। यह डीपीएस से महज पांच मिनट की दूरी पर ही है।

विज्ञापन

12वीं के छात्र ने किया उठाया बीड़ा

Delhi public school student makes school adopt baoli.

दिल्ली के एक 12वीं में पढ़ने वाले छात्र ने एक साहसिक कदम उठाया है। उसने अपने स्कूल प्रशासन से कहकर अपने क्षेत्र के 10 कुओं को एडॉप्ट किया और उनकी देखभाल करने लगा। बाद में उसके सहपाठियों ने भी उसका ‌साथ दिया और कुओं की देखभाल में लग गए।

आरके पुरम स्थित डीपीएस के छात्र आ‌दित्य मेहता ने यह काम शुरू किया है। यही नहीं, आदित्य ने उन दसों कुओं पर आधारित एक किताब भी लिखी है। जिसमें कुओं की फोटो समेत उनके उपायोग की पूरी जानकारी है।

उसका मानना है कि कुआं ऐतिहासिक धरोहर हैं, इनका सिंचाई आदि में काफी लाभ लिया जा सकता है। उसके इस कदम की सराहना करते हुए स्कूल में एक कुओं के तस्वीरों आदि की एक प्रर्दशनी भी लगाई गई।

शिक्षक दिवस पर लॉन्च किया किताब

Delhi public school student makes school adopt baoli.

बीते शिक्षक दिवस पर उसकी रिसर्च बुक 'बोयल्स आफ दिल्ली'को ‌उसके कक्षाध्यापक ने विमोचन भी किया। आदित्य ने कहा कि उसे यह किताब लिखने में डेढ़ साल लग गए।

मैंने दिल्ली के 60 में से 10 कुओं की जानकारी ली और उनकी फोटोग्राफी की। उसके बाद मुख्य रूप से एएसआई और इनटेक से जानकारी लेकर किताब लिखी।

आदित्य स्कूल आर्कटेक्च‌र क्लब का सदस्य भी है, जो कि अब आरकीलोजिकल सर्वे आफ इंडिया के साथ काम कर रहा है। इसके तहत खासतौर पर स्कूल के बच्चों को को ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए जागरुक करते हैं। इसमें मुनरिका क्षेत्र के करीब 8000 स्कूली बच्चों कुओं के संरक्षण की जानकारी दी जा चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed