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Delhi : पेट्रोल न देने के फैसले का विरोध शुरू, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने कहा- उठाए जा सकते थे कुछ और भी कदम

Mon, 03 Mar 2025 06:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 03 Mar 2025 06:03 AM IST
सार

ऑल दिल्ली ऑटो-टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा कि अगर सरकार प्रदूषण को लेकर इतनी गंभीर है तो समय सीमा पूरी करने वाले वाहनों की एक बार फिटनेस जांच जरूर कराए।

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Delhi: Protest against the decision of not giving petrol started
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विस्तार

दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि सरकार के पेट्रोल-डीजल न देने के फैसले का विरोध करते है। वाहनों को एक समय अवधि के बाद स्क्रैप करने की योजना शुरू से विवादित वाली रही है। 

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एक टैक्सी चालक नई डीजल टैक्सी खरीदने पर उसकी पांच-सात साल तक किस्त चुकाता है। दस साल बाद वह गाड़ी कबाड़ में तब्दील कर दी जाती है। प्रदूषण रोकने के लिए कुछ आैर भी कदम उठाए जा सकते हैं। डीजल-पेट्रोल न देने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
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यह सिर्फ कंपनियों को मुनाफा देने के तौर-तरीके है। पिछली सरकार की तरह नई सरकार भी वाहन चालकों का शोषण कर रही है। ऑल इंडिया लग्जरी बस यूनियन के महासचिव श्याम लाल गोला ने कहा कि प्रदूषण की दिशा में यह कदम ठीक है। लेकिन जिन गाड़ियों की हालत ठीक है उन्हें सड़क पर चलाने की अनुमति मिले।
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इधर, ऑल दिल्ली ऑटो-टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा कि अगर सरकार प्रदूषण को लेकर इतनी गंभीर है तो समय सीमा पूरी करने वाले वाहनों की एक बार फिटनेस जांच जरूर कराए। जो मानकों पर खरे उतरते है उन्हें सड़क पर चलाने की अनुमति मिले। पेट्रोल-डीजल न देने का फैसला उचित नहीं है। 


कैपिटल ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदू चौरसिया ने कहा कि वाहनों को पेट्रोल-डीजल न देने का फैसला ठीक नहीं है। कुछ वाहन ऐसे भी होते है जो ज्यादा चलते भी नहीं है। लेकिन अपनी समय-सीमा पूरी कर चुके होते है। जरूरी नहीं कि वह वाहन प्रदूषण फैलाता हो। इस आदेश से हजारों वाहन स्क्रैप की सूची में आ जाएंगे। कुछ वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

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