फरिश्ता बनी दिल्ली पुलिस: मजदूरों की एक साल की कमाई ऑटो में छूटी, चंद घंटों में ढूंढ निकाला
मध्य प्रदेश से यूपी के मुजफ्फरनगर लौट रहे मजदूरों का बैग ऑटो में छूटा तो उन्होंने कश्मीरी गेट पुलिस चौकी को सूचना दी इसके बाद सीसीटीवी से ऑटो चालक की पहचान कर उसे चंद ही घंटों में पुलिस ने त्रिलोकपुरी से ढूंढ निकाला।
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उत्तरी दिल्ली जिला पुलिस ने मंगलवार कुछ ऐसा किया कि यूपी के मुजफ्फरनगर के रहने वाले चार मजदूर उनके फैन हो गए। दरअसल मध्य प्रदेश से एक साल की कमाई लेकर लौट रहे मजदूरों का बैग एक ऑटो में छूट गया।
कश्मीरी गेट पुलिस चौकी ने चंद ही घंटों के भीतर न सिर्फ उनका बैग और रुपये ढूंढ निकाले बल्कि उनके चेहरे की खुशियां भी लौटा दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी ऑटो चालक को ढूंढने वाली टीम की जमकर तारीफ की है। ऑटो चालक ने भी बैग को संभालकर रखा हुआ था।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त अंटो अल्फोंस ने बताया कि पीरबाद-बाघरा, तितारली, मुजफ्फरनगर के रहने वाले चार मजदूर राजकुमार, सुशील, राजपाल और मोहन मध्य प्रदेश में मजदूरी करते हैं। पिछले काफी समय से वह अपने गांव नहीं लौटे थे।
मंगलवार को वह एक साल की कमाई ढाई लाख रुपये लेकर वापस अपने गांव लौट रहे थे। काले खां बस अड्डे पर उतरने के बाद इन लोगों ने कश्मीरी गेट के लिए एक ऑटो लिया। कश्मीरी गेट उतरने के बाद यह अपना बैग ऑटो में भूल गए।
बैग में ढाई लाख रुपये के छोटे नोट रखे थे। ऑटो चालक भी वहां से चला गया। मजदूरों को पता चला तो उनके होश उड़ गए। वह ऑटो को तलाश करते रहे, लेकिन उसका पता नहीं चला। परेशान सभी कश्मीरी गेट पुलिस चौकी में पहुंचे।
वहां चौंकी इंचार्ज को सारी बात बताई तो उन्होंने फौरन मामले को गंभीरता से लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। फौरन एक टीम का गठन किया गया। इसके बाद सीसीटीवी की मदद से ऑटो चालक का नंबर निकाला गया। उसके आधार पर पुलिस फौरन त्रिलोकपुरी स्थित चालक के घर पहुंच गई।
वहां से पता चला कि चालक ने छह माह पूर्व अपना घर बदल दिया था। इसके बाद भी पुलिस ने हिम्मत नहीं हारी और कुछ ही देर में ऑटो चालक को त्रिलोकपुरी से ही ढूंढ निकाला। चालक ने भी मजदूरों का बैग सुरक्षित रखा हुआ था। मजदूर अपना बैग और रुपये पाकर बेहद खुश हुए। वह पुलिस का धन्यवाद करते नहीं थक रहे।