जेएनयू हिंसा पर दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान कई तस्वीरें और वीडियो से ली गई फोटो जारी करते हुए कुछ छात्रों को आरोपी बताया है। लेकिन 5 जनवरी की रात छात्रावास में हुई उस बर्बर घटना पर कुछ नहीं कहा। पुलिस अफसर ने प्रेस कान्फ्रेंस में मौजूद पत्रकारों के किसी सवालों का जवाब तक नहीं दिया। जबकि दिल्ली पुलिस के दावों पर एक नही, कई सुलगते सवाल खड़े हुए हैं। हिंसा की जांच कई आईपीएस अधिकारी कर रहे हैं। लेकिन जब दावे सामने आए तो इन अधिकारियों की जांच पर ही सवाल खड़े हो गए? अमर उजाला ने प्रेस कान्फ्रेंस में भी इन सात सवालों पर जवाब मांगने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों ने इसे अनसुना ही कर दिया।
जेएनयू हिंसाः दावों पर कठघरे में दिल्ली पुलिस, सात सवालों के नहीं मिले जवाब
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पहला सवाल : दिल्ली पुलिस की कैसी जल्दबाजी?
प्रेस कान्फ्रेंस में क्राइम ब्रांच के डीसीपी जॉय टिर्की ने एक छात्र की फोटो जारी की, जिसमें छात्र के हाथ में डंडा है और पहचान विकास पटेल। पुलिस ने इस फोटो को क्रॉप करके दिखाया, जबकि इस फोटो को एआईएसए के छात्रों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। फोटो में कई युवक डंडे लेकर खड़े हैं। पुलिस ने प्रेस कान्फ्रेंस में उनके बारे में कुछ नहीं बताया। इसी फोटो में एक युवक पुलिस जवान जैसी लाठी लेकर खड़ा था। इतना ही नहीं, पुलिस ने जिस छात्र का नाम विकास पटेल बताया है, आइसा के मुताबिक वह शिवपूजन मंडल है।
दूसरा सवाल : एबीवीपी के दावों से मेल खाती पुलिस की जांच
6 जनवरी 2020 को सुबह 11.35 मिनट पर एबीवीपी के आधिकारिक टिवटर हैंडल (एबीवीपीवॉइस) पर एक वीडियो पोस्ट की गई है। वीडियो में छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष के होने के आरोप लगाए गए। दिल्ली पुलिस ने प्रेस कान्फ्रेंस में इसी वीडियो से निकाले फोटो जारी किए और उसमें से एक लड़की को आईशी घोष बताया, जोकि हिंसा में सबसे ज्यादा घायल हुई थीं।
तीसरा सवाल : एबीवीपी ने भी बनाया था चुनचुन को आरोपी
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के पूर्व छात्र चुनचुन कुमार को भी हिंसा में आरोपी बनाया है. चुनचुन कुमार की जो फोटो दिल्ली पुलिस ने जारी की है, उसी फोटो को एबीवीपी के राष्ट्रीय आयोजन सचिव आशीष चौहान ने 7 जनवरी को शेयर की थी। यह फोटो भी ट्विटर पर पोस्ट की गई है।
चौथा सवाल : कहां गया हिंदू रक्षा दल?
दिल्ली पुलिस ने हिंसा को लेकर कुछ छात्रों की पहचान की है, लेकिन सोशल मीडिया और बाद में मीडिया में जेएनयू हिंसा की जिम्मेदारी लेने वाले हिंदू रक्षा दल के दावों पर पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया? इस सवाल का जवाब भी पुलिस ने नहीं दिया है। जबकि इसी दल के नेता पिंकी चौधरी ने हिंसा कराने और छात्र-छात्राओं को पीटने का दावा किया था।