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11 थानों में सुरक्षा समिति: पुलिस उपायुक्त के निगरानी में होगी महिलाओं पर होने वाले अपराध की जांच
Mon, 14 Mar 2022 05:17 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 14 Mar 2022 05:17 PM IST
सार
महिला सुरक्षा समिति महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों को उठाएगी। वहीं पार्कों और गलियों में होने वाले अपराधों को दिल्ली पुलिस की आंख और कान बनकर पुलिस उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचाएगी।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
द्वारका जिला पुलिस ने महिला सुरक्षा के मद्देनजर एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में 11 थानों में सुरक्षा समिति बनाई गई है और सबको एक व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ा गया है। इसका मकसद महिलाओं से संबंधित सभी प्रकार की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करना है। साथ ही सभी मामलों को पुलिस उपायुक्त के संज्ञान में लाना है।
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पुलिस उपायुक्त शंकर चौधरी ने बताया कि महिला सुरक्षा के मद्देनजर एक अलग नंबर 9643100100 जारी किया गया है। नंबर की निगरानी पुलिस उपायुक्त कार्यालय से होगा। व्हाट्स एप ग्रुप में आने वाली शिकायतों पर कार्रवाई के लिए उसे तुरंत संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से महिलाओं में आत्मविश्वास की बढ़ोतरी होगी। महिलाओं से संबंधित अपराधों को बहुत आसानी से सुना जा सकेगा। साथ ही शिकायत करने के लिए महिलाओं को थानों में जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
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महिला सुरक्षा समिति महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों को उठाएगी। वहीं पार्कों और गलियों में होने वाले अपराधों को दिल्ली पुलिस की आंख और कान बनकर पुलिस उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचाएगी। द्वारका पुलिस ने 1190 लोगों को सुरक्षा समिति और व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा है, जो पुलिस की सहयोगी टीम की तरह काम करेगी। दिल्ली पुलिस में पुलिस मित्र और प्रहरी उनके आंख व कान बनकर काम करते हैं।
इसी तरह द्वारका जिला पुलिस ने महिला सुरक्षा समिति में न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण इलाके की महिलाओं को भी शामिल किया है। थाना प्रभारी और सहायक पुलिस आयुक्त के अनुमोदित नाम की जांच पड़ताल करने के बाद समिति में शामिल किया गया है। समिति के सदस्य अगले एक साल तक दिल्ली पुलिस के साथ कंधा से कंधा मिलाकर कानून व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।