फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Police Crime Branch arrested five accused of cheating gang

चेक क्लोन कर आठ करोड़ हड़पने के आरोप में पांच धरे, बैंक अधिकारियों की भूमिका शक के दायरे में

Wed, 07 Aug 2019 04:42 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 07 Aug 2019 04:42 AM IST
विज्ञापन
Delhi Police Crime Branch arrested five accused of cheating gang
फाइल फोटो
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने चेक क्लोन कर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी 14 लोगों के बैंक खाते से करीब आठ करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। 
विज्ञापन


अपराध शाखा के अधिकारियों की माने तो इस फर्जीवाड़े में बैंक के कुछ अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका सामने आ रही है। आरोपी बैंक ऑफ इंडिया और इलाहाबाद बैंक का ही चैक क्लोन करते थे। इस मामले में जल्द ही बैंक अधिकारियों की गिरफ्तारी हो सकती है। 
विज्ञापन


अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन के अनुसार लक्ष्मी नगर में रहने वाली महिला ने शिकायत दी थी कि उसका संसद मार्ग स्थित बैंक में खाता है। कुछ दिन पहले उसके  रिश्तेदार ने खाते में एक करोड़ 10 लाख रुपये जमा करवाए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


21 जून, 2019 को उसके मोबाइल ने काम करना बंद कर दिया और मैसेज आने बंद हो गए। जब उसने नया सिम लिया तो पता लगा कि उसके खाते से एक करोड़ 10 लाख रुपये निकाल लिए गए है। 

ये रकम दो चेक से निकाली गई और गुरुग्राम व वसंतकुंज स्थित बैंक खातों में गई। मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी गई। एसीपी जसबीर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह व एएसआई संजय और यशपाल की टीम ने जांच शुरू की। 

पुलिस टीम को जांच में पता लगा कि दोनों बैंक कानपुर देहात, यूपी निवासी आलोक कुमार त्रिवेदी के हैं। इंस्पेक्टर गुरमीत की टीम ने आलोक  कुमार (25) को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से ठगी की रकम में से 20 लाख रुपये मिले थे। 

आलोक कुमार से पूछताछ के बाद इसके दो साथी इरशाद अली और अरुण राघव को गिरफ्तार कर लिया गया। क्लोन चेक अरुण राघव और इरशाद अली से होते गिरोह में आगे बढ़ते थे। रिमांड पर पूछताछ के बाद दोनों से छह लाख रुपये बरामद किए गए। 

अरुण राघव की निशानदेही पर मुंबई से जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू और सुनील छिब्बर को गिरफ्तार किया गया। जितेंद्र ठगी की रकम से दुबई घूमने चला गया था।  जितेंद्र सिंह ने बताया कि गिरोह का मेहंदी हसन बैंक अधिकारियों के संपर्क में था। 

मेहंदी हसन ही बैंक अधिकारियों से सांठगांठ कर पीड़ितों के खाते की डिटेल व हस्ताक्षरों के नमूने लाता था। आरोपियों ने 18 क्लोन चेक तैयार किए थे। 18 में से 14 चेक से आरोपियों ने करीब आठ करोड़ रुपये निकाले थे। इनके कब्जे से छह लाख रुपये, तीन क्लोन चेक, प्रिंटर व लैपटॉप बरामद किए गए हैं।

घाटे के कारण ठगी करने लगे थे
आलोक कुमार की इरशाद से जान-पहचान उसके दोस्त शिव कुमार ने करवाई थी। वह गुरुग्राम में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी करता था। प्रयागराज, यूपी निवासी मो. इरशाद अली (29) के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है। मूलरूप से अलीगढ़, यूपी निवासी अरुण कुमार राघव (48) तीन वर्ष पहले एटा निवासी प्रशांत के संपर्क में आया। 

प्रशांत ने उसे गिरोह के सदस्यों से मिलवाया। प्रॉपर्टी के व्यवसाय में घाटा होने के कारण वह ठगों के गिरोह में शामिल हो गया। इसको ठगी की रकम में से पांच फीसदी हिस्सा मिलता था। सुनील व जितेंद्र के खिलाफ पहले से मामले दर्ज र्हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed