महिलाओं की सुरक्षा दिल्ली पुलिस की पहली प्राथमिकता, दिल्ली में अपराध 6 फीसदी बढ़ा : पटनायक
- गंभीर आपराधिक वारदातों में आई कमी
- महिलाओं की सुरक्षा दिल्ली पुलिस की पहली प्राथमिकता
- जेएनयू देशद्रोह मामले में कन्हैया पर चार्जशीट जल्द
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देश की राजधानी दिल्ली में अपराध छह फीसदी बढ़ गया है। हालांकि, डकैती व हत्या जैसी गंभीर आपराधिक वारदातों में 11.72 फीसदी की कमी आई है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने आंकड़ों की जादूगरी कर बुधवार को एनडीएमसी हॉल में वर्ष 2018 का अपराध का लेखा-जोखा पेश किया।
राजधानी में जहां जनसंख्या व बेरोजगारी बढ़ रही है। ऐसे में आपराधिक वारदातों के कम होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। दिल्ली पुलिस का ये ढर्रा बनता जा रहा है कि सालाना प्रेस वार्ता में हर बार अपराध के आंकड़ों को कम करके पेश किया जाता है। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने वर्ष 2019 में स्ट्रीट क्राइम को रोकने की बात कही और महिलाओं की सुरक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता बताया।
प्रेसवार्ता शुरू होने से पहले दिल्ली पुलिस के शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा गया। दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने बताया कि दिल्ली में दर्ज हुए कुल आईपीसी की आपराधिक वारदात में छह फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि गंभीर आपराधिक वारदात में 11.72 फीसदी की कमी आई है।
वर्ष 2018 में अपराधियों को पकड़ने का प्रतिशत 36.53 रहा है, जबकि पिछले वर्ष ये 34.60 फीसदी था। वर्ष 2018 में 236476 आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं, जबकि वर्ष 2017 में 223077 मामले दर्ज हुए थे। दिल्ली पुलिस के आपराधिक आंकड़ों के अनुसार, हत्या व फिरौती के लिए अपहरण को छोड़कर बाकी आपराधिक वारदात में कमी आई है।
जानिए गंभीर आपराधिक वारदातों में हुई वृद्धि
हत्या की वारदात में 3.25 फीसदी व फिरौती के लिए अपहरण में 35.71 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष के मुकाबले वर्ष 2018 में डकैती की वारदात में 36.11, हत्या के प्रयास में 16.26 फीसदी, लूटपाट में 20.15 फीसदी, दंगे में 54 फीसदी, दुष्कर्म के मामलों में 0.78 फीसदी, झपटमारी में 17.70 फीसदी और सेंधमारी में सबसे ज्यादा 59.05 फीसदी की कमी आई है।
वर्ष 2017 में डकैती के 36 तो वर्ष 2018 में 23, वर्ष 2017 में हत्या की 462, जबकि 2018 में बढ़कर 447 हो गई। वर्ष 2017 में दुष्कर्म के 2059 दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2018 में मामूली कमी के साथ 2043 मामले दर्ज हुए।
दिल्ली पुलिस ने दावा कि बीते वर्ष 168 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर अपराध पर लगाम लगाने की कोशिश की थी। बदमाशों को पकड़ने का ग्राफ पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बढ़ा है। पिछले वर्ष जहां 34.60 फीसदी बदमाश पकड़े, वहीं इस वर्ष 36.53 फीसदी बदमाश पकड़े गए हैं।
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने कहा कि अगले वर्ष स्ट्रीट क्राइम को रोकने पर जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि जेएनयू देशद्रोह मामले में कन्हैया पर चार्जशीट लगभग तैयार है, जिसे जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गंभीर आपराधिक वारदात :
मद 2017 2018 कमी/वृद्धि
डकैती 36 23 कमी 36.11
हत्या 499 477 वृद्धि 3.25
हत्या का प्रयास 615 515 कमी 16.26
रॉबरी 2889 2307 कमी 20.15
दंगे 50 23 कमी 54
फिरौती के लिए
अपहरण 14 19 वृद्धि 35.71
दुष्कर्म 2059 2043 कमी 0.78
कुल 6125 5407 कमी 11.72
अन्य आपराधिक मामले
झपटमारी 8070 6642 कमी 17.70
सेंधमारी 9548 3910 कमी 59.05
वाहन चोरी 39084 44158 वृद्धि 12.98
छेड़छाड़ 3275 3175 कमी 3. 05
अपहरण 5355 5453 वृद्धि 1.83
अन्य अपराध 216952 237069 वृद्धि 6.51
कुल दर्ज मामले 223077 236476 वृद्धि 6.01