Delhi Outcome Budget: खाद्य आपूर्ति विभाग टॉप पर, ऊर्जा विभाग को मिले सबसे कम नंबर, जानिए अन्य का कैसा रहा हाल
ऊर्जा विभाग का प्रदर्शन सबसे खराब। खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों में नीचे से दूसरे व तीसरे नंबर पर शहरी विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग है। दिलचस्प यह कि तीन विभाग पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के पास थे।
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विस्तार
दिल्ली विधानसभा में बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने सोमवार को 2022-23 का आउटकम बजट पेश किया। इसमें सरकार की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं की प्रगति के लेखे-जोखे से सदन को अवगत कराया। इसमें खाद्य और आपूर्ति विभाग का प्रदर्शन अव्वल रहा, जबकि ऊर्जा विभाग का प्रदर्शन सबसे खराब। खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों में नीचे से दूसरे व तीसरे नंबर पर शहरी विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग है। दिलचस्प यह कि तीन विभाग पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के पास थे। सदन में कैलाश गहलोत ने कहा कि आउटकम बजट से सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच रखती है। सरकार अपनी योजनाओं को दो संकेतकों, आउटपुट और आउटकम से ट्रैक करती है। आप सरकार ने ही सबसे पहले आउटकम बजट रखने की पहल की है।
80% खाद्य आपूर्ति व उपभोक्ता कार्य विभाग पास
दिल्ली सरकार के आउटकम बजट में खाद्य आपूर्ति व उपभोक्ता कार्य विभाग 80 फीसदी पास हुआ। इसमें 4 कार्यक्रमों के तहत 12 आउटपुट और आउटकम इंडिकेटर तय किए गए थे। इसमें 10 इंडिकेटर प्रमुख थे। 80 फीसदी इंडिकेटर ऑन ट्रैक और 20 फीसदी ऑफ ट्रैक हैं। विभाग की तरफ से 72.27 लाख को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन दिया गया, जबकि 65.88 लाख नियमित लाभार्थियों को हर महीने तयशुदा मात्रा में राशन मिल रहा है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत 59 हजार परिवार को चीनी मिली।
सबसे खराब प्रदर्शन ऊर्जा विभाग का
उर्जा विभाग में कुल 77 आउटपुट संकेतकों के साथ 12 कार्यक्रम व स्कीम को शामिल किया गया था। वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही तक ऑन ट्रैक संकेतकों की संख्या 27 थी। यह कुल संकेतकों का 47 फीसदी ही बैठता है। ऑफ ट्रैक संकेतकों की संख्या 30 है जिसका प्रतिशत 57 है। 20 संकेतकों को लागू तक नहीं किया गया। सरकार का कहना है कि बिजली विभाग ने प्रतिमाह 200 यूनिट तक बिजली उपभोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को शुल्क में शत-प्रतिशत की सब्सिडी दी। प्रतिमाह 201 यूनिट से 400 यूनिट बिजली खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 800 रुपये तक सब्सिडी दी गई। दूसरी तरफ शहरी विकास और आवासन 53 फीसदी अंक मिले। आउटकम बजट में 7 कार्यक्रमों के तहत 27 आउटपुट और आउटकम इंडिकेटर तय किए गए थे। 19 इंडिकेटर प्रमुख थे। इनमें से 53 फीसदी इंडिकेटर ऑन ट्रैक और 47 फीसदी ऑफ ट्रैक हैं।
23 हजार से अधिक आरटीआई का निपटान
प्रशासनिक सुधार विभाग में 2022-23 में कुल 13 आउटपुट संकेतकों के साथ तीन कार्यक्रम और योजनाएं शामिल की गईं। इनमें 77 फीसदी ऑन ट्रैक जबकि 23 फीसदी ऑफ ट्रैक रहे। डोर स्टेप डिलीवरी स्कीम के तहत कुल 82684 अनुरोध किए गए। जन शिकायत निपटान योजना के तहत 96541 शिकायतों में से 84243 का निपटान किया गया। 38551 आरटीआई में से 23825 आरटीआई का 30 दिनों के अंदर निपटान कर दिया गया।
68% पीडब्ल्यूडी के काम ठीक रास्ते पर
दिल्ली सरकार ने अपने वर्ष 2023-23 के आउटकम बजट में पीडब्ल्यूडी से जुड़े कार्य में अच्छा काम करने का दावा किया है। दिल्ली सरकार का कहना है कि पीडब्ल्यूडी के 68 प्रतिशत कार्य चल रहे है, जबकि 32 प्रतिशत कभी भी शुरू हो सकते हैं। पीडब्ल्यूडी की कोई भी ऐसी योजना नहीं है जिसे लागू नहीं किया जा सकता।
परिवहन विभाग को मिले 69% अंक
परिवहन विभाग के कुल 88 संकेतकों के साथ 15 कार्यक्रमों और स्कीम को शामिल किया गया था। वित्तीय वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही तक आउटपुट और आउटकम संकेतकोंं में 54 ऑन ट्रैक, जबकि 24 ऑफ ट्रैक रहे। 78 संकेतक महत्वपूर्ण थे। इनमें 69 फीसदी ऑन ट्रैक रहे। दिल्ली सरकार ने परिवहन क्षेत्र में नई स्कीम और कार्यक्रमों के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। दिसंबर 2022 तक दिल्ली में चलने वाली 7329 में डीटीसी की 4010, 3319 क्लस्टर बसों सहित 250 ई-बसों का परिचालन किया गया। 3,319 क्लस्टर बसों का औसत उपयोग बढ़कर 98.83 फीसदी हो गया। डीटीसी की 4010 बसों का औसत उपयोग घटकर 83.2 फीसदी हो गया। दिल्ली मेट्रो के तीसरे चरण में 123.30 किलोमीटर (एनसीआर में 16.32 किलोमीटर) का निर्माण पूरा हो चुका है। इस चरण का काम पूरा होने के बाद दिल्ली और एनसीआर में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क करीब 457 किलोमीटर का हो जाएगा।
54 फीसदी पर स्वास्थ्य विभाग
दिल्ली सरकार के आउटकम बजट में स्वास्थ्य विभाग 54 फीसदी पास हुआ है। वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने विधानसभा में 2022-23 का जो आउटकम बजट पेश किया, इसमें 23 कार्यक्रमों के तहत 124 आउटपुट और आउटकम इंडिकेटर तय किए गए थे। 114 इंडिकेटर प्रमुख थे। इनमें से 54 फीसदी इंडिकेटर ऑन ट्रैक और 46 फीसदी ऑफ ट्रैक हैं। इस दौरान डेढ़ करोड़ मरीजों ने उपचार करवाया। दिल्ली के 515 आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक में रोजाना 51 हजार मरीज आते हैं। 38 अस्पतालों में औसतन रोजाना आईपीडी में 62,906 रोगी व ओपीडी में 99,382 है। दिसंबर 2022 तक दिल्ली आरोग्य कोष से 2,414 लोगों की जान बची। दिसंबर 2022 तक 2.25 लाख संस्थागत प्रसव व आशा कार्यकर्ताओं ने 1.68 लाख प्रसव करवाए। 3,320 दवा बिक्री केंद्र की जांच में 667 का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया गया।
महिला बाल विकास विभाग काे 71% अंक
दिल्ली सरकार के आउटकम बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग 71 फीसदी पास हुआ है। वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने विधानसभा में 2022-23 का जो आउटकम बजट पेश किया, इसमें 11 कार्यक्रमों के तहत 68 आउटपुट और आउटकम इंडिकेटर तय किए गए थे। 68 इंडिकेटर प्रमुख थे। इनमें से 45 फीसदी इंडिकेटर ऑन ट्रैक और 18 फीसदी ऑफ ट्रैक हैं। वहीं, समाज कल्याण विभाग 66 फीसदी पास हुआ है। आउटकम बजट में 10 कार्यक्रमों के तहत 44 आउटपुट और आउटकम इंडिकेटर तय किए गए थे। 35 इंडिकेटर प्रमुख थे। इनमें से 66 फीसदी इंडिकेटर ऑन ट्रैक और 34 फीसदी ऑफ ट्रैक हैं। रोजगार निदेशालय 75 फीसदी पास हुआ है। आउटकम बजट में 2 कार्यक्रमों के तहत 7 आउटपुट और आउटकम इंडिकेटर तय किए गए थे। 4 इंडिकेटर प्रमुख थे। इनमें से 75 फीसदी इंडिकेटर ऑन ट्रैक और 25 फीसदी ऑफ ट्रैक हैं।
जल बोर्ड की 66% योजनाएं ट्रैक पर
दिल्ली जल बोर्ड आउटकम बजट के तहत 13% योजनाओं को सिरे नहीं चढ़ा सका जबकि वह स्वीकृत हुई 66% योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में जुटा है और 34 प्रतिशत योजनाओं पर जल्द कार्य आरंभ करेगा। यह जानकारी दिल्ली सरकार ने अपने आउटकम बजट में दी। बोर्ड ने अनधिकृत कॉलोनियों में पानी के पाइप लाइन की लंबाई बढ़ाकर 5138.48 किलोमीटर कर दी है, ये इन कॉलोनियों में पाइप लाइन नेटवर्क का 99.11% कवर करते हैं। 96.67% अनधिकृत कॉलोनियों में पाइप लाइन से जलापूर्ति की जा रही है। इन कॉलोनियों में लगभग 6.58 लाख उपभोक्ताओं के पास पानी के मीटर लगे हैं। पानी के लगभग 15855 नमूनों की जांच की गई और 96.9 नमूने जल गुणवत्ता के अनुरूप पाए गए।
उच्च शिक्षा का प्रदर्शन बेहतर
दिल्ली सरकार अपने आउटकम बजट में स्कूली शिक्षा में 67 फीसदी, उच्च शिक्षा में 68 फीसदी व प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा में 69 फीसदी के साथ पास हुई है। इस तरह से स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा व प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा में दिल्ली का प्रदर्शन बेहतर रहा है। आउटकम बजट में स्कूली शिक्षा के लिए 38 कार्यक्रमों के तहत 110 आउटपुट और आउटकम इंडिकेटर तय किए गए थे। इसमें 67 फीसदी इंडिकेटर ऑन ट्रैक और 26 फीसदी ऑफ ट्रैक हैं जबकि उच्च शिक्षा के मामले में 68 फीसदी इंडिकेटर ऑन ट्रैक और 19 फीसदी ऑफ ट्रैक पाए। वहीं प्रशिक्षण व तकनीकी शिक्षा में 69 इंडिकेटर ऑन ट्रैक व 31 फीसदी ऑफ ट्रैक रहे हैं। कैलाश गहलौत ने शिक्षा का आउटकम बजट पेश करते हुए कहा कि 2022-23 के दौरान 11 नए स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस जोड़े गए हैं।
73 फीसदी नमूने मानकों पर खरे उतरे
2022-23 में पर्यावरण और वन विभाग में 79 आउटपुट संकेतकों के साथ 19 कार्यक्रम और योजनाएं शामिल की गईं। तीसरी तिमाही तक 47 ऑन ट्रैक जबकि 17 संकेतक ऑफ ट्रैक रहे। दिसंबर तक शत प्रतिशत उद्योग लगातार उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (सीईएमसी) से लैस किए गए। एसटीपी, सीईटीपी, यमुना नदी, नाले, ईटीपी की निगरानी के लिए 568 नमूनों की जांच की गई। दिसंबर तक ईटीपी से लिए गए 1000 नमूनों के लक्ष्य पर 112 की जांच की गई। इनमें 73 प्रतिशत नमूने मानकों पर खरे उतरे।
वह हमें परेशान करते रहेंगे और हम काम करते रहेंगे: गोपाल
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण पर दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने धन्यवाद दिया और दिल्ली सरकार के कामकाज की सराहना की। सदन में उपराज्यपाल का नाम लिए बगैर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह हमें परेशान करते रहेंगे और हम मिलकर काम करते रहेंगे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में विशेष परिस्थितियों में भी जिस तरह से सरकार काम कर रही है वह काबिले तारीफ है, शिक्षा जगत के जननायक मनीष सिसोदिया को इस सदन के माध्यम से बधाई देना चाहता हूं कि उनके प्रयासों से शिक्षा क्रांति नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।