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Delhi: सफदरजंग में खुला उत्तर भारत का पहला सेंसरी गार्डन, जानिए क्या है इसकी विशेषता और बच्चों के लिए लाभ
Thu, 08 Jan 2026 06:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 08 Jan 2026 06:30 AM IST
सार
सेंसरी गार्डन एक विशेष तरह का बगीचा होता है जहां पौधे, रंग, खुशबू, आवाज और छूने वाली चीजें बच्चों की इंद्रियों को जगाती हैं।
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सफदरजंग अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में बुधवार को उमंग वाटिका नाम का एक खास सेंसरी गार्डन का उद्घाटन हुआ। यह उत्तर भारत के किसी सरकारी अस्पताल में पहला ऐसा बगीचा है। सेंसरी गार्डन एक विशेष तरह का बगीचा होता है जहां पौधे, रंग, खुशबू, आवाज और छूने वाली चीजें बच्चों की इंद्रियों को जगाती हैं। इससे बच्चों का मन शांत होता है, भावनाएं संभलती हैं और उनका पूर्ण विकास होता है। ऐसे में यह खासकर उन बच्चों के लिए फायदेमंद है, जिनमें दिमागी या न्यूरो विकास की समस्याएं होती हैं।
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इस गार्डन का उद्घाटन वीएमसीसी और अस्पताल के डायरेक्टर प्रोफेसर संदीप बंसल ने किया। उनके साथ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. चारु बंबा, प्रिंसिपल डॉ. गीतिका खन्ना और बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ. प्रदीप देबटा मौजूद थे। यह प्रोजेक्ट आस्था संस्था की सोच से बना है। आर स्क्वेयर्ड फाउंडेशन ने पैसे दिए, सीपीडब्ल्यूडी ने निर्माण किया और डिजाइन में किलिकिली ने मदद की। अस्पताल की पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी यूनिट ने इसमें अहम भूमिका निभाई।
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इस अवसर पर डायरेक्टर डॉ. संदीप बंसल ने कहा कि यह बगीचा बच्चों के इलाज के साथ-साथ उनके मन को भी ठीक करने में मदद करेगा। यह सरकारी और निजी संस्थाओं के अच्छे सहयोग का उदाहरण है। अस्पताल में आने वाले बच्चे अब इस बगीचे में खेलकर और घूमकर ज्यादा खुश और स्वस्थ महसूस करेंगे।
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उन्होंने बताया कि उत्तर भारत में किसी सरकारी संस्थान में इस तरह का यह पहला सेंसरी गार्डन है, जो समावेशी, दयालु और बच्चों पर केंद्रित हेल्थकेयर के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। अस्पतालों को न सिर्फ शरीर को ठीक करना चाहिए, बल्कि बच्चों की भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक भलाई का भी ध्यान रखना चाहिए, खासकर उन बच्चों का जिन्हें न्यूरोडेवलपमेंटल चुनौतियां हैं।