फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi news: Delhi-Ghaziabad-Meerut Rapid Rail Corridor to be equipped with European Train Control System

यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम से लैस होगा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर

Fri, 22 Jan 2021 03:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली   
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली    Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 22 Jan 2021 03:40 AM IST
विज्ञापन
Delhi news: Delhi-Ghaziabad-Meerut Rapid Rail Corridor to be equipped with European Train Control System
रैपिड रेल फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया, ताईवान, दक्षिण कोरिया एवं सऊदी अरब के सबसे बेहतर ट्रेन कंट्रोल सिस्टम की तरह ही इस ट्रैक पर इसी तकनीक का इस्तेमाल होगा।

विज्ञापन


कॉरिडोर के सिग्नलिंग, ट्रेन कंट्रोल एवं टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम के डिजाइन, आपूर्ति एवं इंस्टॉलेशन पर करीब 910 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।
विज्ञापन


दिल्ली-मेरठ के बीच तैयार हो रहे रैपिड रेल कॉरिडोर को विदेशों की तर्ज पर सिग्नलिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा। इसका टेंडर 12 हजार हॉर्स पावर का भारतीय रेलवे के लिए विद्युत इंजन तैयार करने वाली कंपनी एल्सटॉम को दिया गया है। इसमें सिग्नलिंग एवं ट्रेन कंट्रोल, सुपरविजन, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स एवं टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम का डिजाइन, आपूर्ति, टेस्टिंग एवं कमिशनिंग शामिल होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भारत की पहली ऐसी लाइन होगी, जहां यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) हाईब्रिड लेवल-3 सिग्नलिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। यूरोप के रेल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ईआरटीएमएस) का प्रमुख सिग्नलिंग एवं ट्रेन कंट्रोल कंपोनेंट है।

एल्सटॉम एशिया पैसिफिक के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के अनुसार, फ्यूचरप्रूफ सिग्नलिंग सिस्टम के साथ भारत की पहली रेल लाइन स्थापित की जाएगी। यात्रियों को ट्रेन बदलते वक्त दिक्कत नहीं हो, इसके लिए अलग से कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिससे यात्रियों के लिए बेहतर आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा। इस सिग्नलिंग सिस्टम का फायदा यह भी होगा कि ट्रेन ज्यादा से ज्यादा फेरे लगाएगी। इससे यात्रियों के  इंतजार करने के समय में कमी आएगी।


डिजिटल इंटरलॉकिंग व ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (एटीओ) की मदद ली जाएगी। ईटीसीएस हाईब्रिड लेवल-3 रेडियो-बेस्ड सिग्नलिंग सिस्टम के माध्यम से लगातार ट्रेन नियंत्रण व सुपरविजन किया जाएगा। यह दुनिया का सबसे प्रभावशाली ट्रेन कंट्रोल सिस्टम है, जो यातायात की क्षमता, समय की पाबंदी, विश्वसनीयता, सुरक्षा, रखरखाव के खर्च एवं ऊर्जा की बचत के मामले में बेहतर है। यह सिस्टम ट्रेनों को पटरियों के किनारों पर लगे सिग्नल्स के बिना तेज स्पीड में चलने में समर्थ होता है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed