{"_id":"65530563b0500e3f780bc2ba","slug":"delhi-municipal-corporation-will-open-five-new-sterilization-centers-for-street-dog-2023-11-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Delhi Street Dog: लावारिस कुत्तों के पांच नए नसबंदी केंद्र खोलेगा दिल्ली नगर निगम, 21 हो जाएगी संख्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi Street Dog: लावारिस कुत्तों के पांच नए नसबंदी केंद्र खोलेगा दिल्ली नगर निगम, 21 हो जाएगी संख्या
Tue, 14 Nov 2023 10:58 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 14 Nov 2023 10:58 AM IST
सार
दिल्ली नगर निगम लावारिस कुत्तों के लिए पांच नए नसबंदी केंद्र खोलेगा दिल्ली नगर निगम खोलेगा। मौजूदा समय दिल्ली में 16 नसबंदी केंद्र चलाए जा रहे हैं। एमसीडी ने मौजूदा वित्त वर्ष 2023-24 में करीब 80 हजार कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
विस्तार
लावारिस कुत्तों के लिए निगम जल्द ही पांच नए नसबंदी केंद्र खोलेगा। इससे सड़कों पर घूम रहे कुत्तों की आबादी को सहज रूप से घटाने में आसानी होगी। दिल्ली में मौजूदा समय 16 नसबंदी केंद्र चलाए जा रहे हैं। जल्द ही इनकी संख्या बढ़कर 21 हो जाएगी।
दिल्ली नगर निगम गैर सरकारी पशु कल्याण संगठनों की मदद से दिल्ली में अपने नसबंदी केंद्रों को चला रहा है। ये संगठन बेसहारा कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी करने के बाद पकड़े गए स्थान पर छोड़ने का काम करते हैं।
मौजूदा समय दिल्ली में द्वारका सेक्टर-29, उस्मानपुर, रोहिणी सेक्टर-27, मसूदपुर, तिमारपुर, यस डोमेस्टिक रिसर्च सेंटर बेला रोड, लाजपत नगर, तिलंगपुर कोटला, गाजीपुर, बिजवासन, सैनिक एनक्लेव, नंगली, कृष्णा आश्रम सतबड़ी, मसूदपुर, रजोकरी, राजा गार्डेन में लावारिस कुत्तों के लिए नसबंदी केंद्र चलाए जा रहे।
विज्ञापन
इनमें से कुछ गैर सरकारी संगठनों द्वारा चलाए जा रहे तो कुछ को प्राइवेट वेटरिनरी डॉक्टरों द्वारा चलाया जा रहा है। निगम अगले दो महीने के भीतर मुंढेला, तुगलकाबाद, प्रहलादपुर, द्वारका सेक्टर-29 और रोहिणी सेक्टर-27 में बंद पड़े सरकारी वेटरीनरी अस्पतालों व नसबंदी केंद्रों को गैर सरकारी पशु कल्याण संगठनों को संचालित करने के लिए सौंपने जा रहा है।
विज्ञापन
दिल्ली नगर निगम गैर सरकारी पशु कल्याण संगठनों की मदद से दिल्ली में अपने नसबंदी केंद्रों को चला रहा है। ये संगठन बेसहारा कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी करने के बाद पकड़े गए स्थान पर छोड़ने का काम करते हैं।
विज्ञापन
मौजूदा समय दिल्ली में द्वारका सेक्टर-29, उस्मानपुर, रोहिणी सेक्टर-27, मसूदपुर, तिमारपुर, यस डोमेस्टिक रिसर्च सेंटर बेला रोड, लाजपत नगर, तिलंगपुर कोटला, गाजीपुर, बिजवासन, सैनिक एनक्लेव, नंगली, कृष्णा आश्रम सतबड़ी, मसूदपुर, रजोकरी, राजा गार्डेन में लावारिस कुत्तों के लिए नसबंदी केंद्र चलाए जा रहे।
विज्ञापन
इनमें से कुछ गैर सरकारी संगठनों द्वारा चलाए जा रहे तो कुछ को प्राइवेट वेटरिनरी डॉक्टरों द्वारा चलाया जा रहा है। निगम अगले दो महीने के भीतर मुंढेला, तुगलकाबाद, प्रहलादपुर, द्वारका सेक्टर-29 और रोहिणी सेक्टर-27 में बंद पड़े सरकारी वेटरीनरी अस्पतालों व नसबंदी केंद्रों को गैर सरकारी पशु कल्याण संगठनों को संचालित करने के लिए सौंपने जा रहा है।
80 हजार कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य
एमसीडी ने मौजूदा वित्त वर्ष 2023-24 में करीब 80 हजार कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा है। एमसीडी से उपलब्ध कराए गए आंकड़े के मुताबिक अप्रैल 2022 से इस साल मार्च तक 58716 लावारिस कुत्तों की नसबंदी की गई है। इसके पहले अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 83461 बेसहारा कुत्तों की नसबंदी हुई है।
एमसीडी ने मौजूदा वित्त वर्ष 2023-24 में करीब 80 हजार कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा है। एमसीडी से उपलब्ध कराए गए आंकड़े के मुताबिक अप्रैल 2022 से इस साल मार्च तक 58716 लावारिस कुत्तों की नसबंदी की गई है। इसके पहले अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 83461 बेसहारा कुत्तों की नसबंदी हुई है।
समझौते के तहत होती है नसबंदी
गैर सरकारी संगठनों की ओर से कुत्ते को पकड़ने, नसबंदी करने और इसे पकड़े गए स्थान पर छोड़ने के बाद निगम की ओर से 1000 रुपये प्रति कुत्ते की दर से भुगतान किया जाता है। एमसीडी स्टाफ द्वारा पकड़े गए कुत्ते का गैर सरकारी संगठनों की ओर से नसबंदी करने पर 900 रुपये भुगतान निगम इन्हें करता है।
गैर सरकारी संगठनों की ओर से कुत्ते को पकड़ने, नसबंदी करने और इसे पकड़े गए स्थान पर छोड़ने के बाद निगम की ओर से 1000 रुपये प्रति कुत्ते की दर से भुगतान किया जाता है। एमसीडी स्टाफ द्वारा पकड़े गए कुत्ते का गैर सरकारी संगठनों की ओर से नसबंदी करने पर 900 रुपये भुगतान निगम इन्हें करता है।