फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi municipal corporation is preparing details of all properties in Delhi through geo tagging

दिल्लीवालों को बड़ी राहत: जियो टैगिंग से सभी संपत्तियों का ब्योरा तैयार कर रहा निगम, जानें क्या होगी सहूलियत

Fri, 08 Dec 2023 08:15 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 08 Dec 2023 08:15 AM IST
सार

मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने गुरुवार बताया कि एमसीडी ने मुंबई और बेंगलुरू की तर्ज पर यह काम शुरू किया है। सेटेलाइट के माध्यम से सभी संपत्तियों को टैग किया जाएगा। इससे एमसीडी को अपने इलाके की संपत्तियों की संख्या व संपत्ति करदाताओं के बारे में जानकारी रहेगी। इस प्रक्रिया पर एमसीडी पर कुछ भी खर्च नहीं आएगा।

विज्ञापन
Delhi municipal corporation is preparing details of all properties in Delhi through geo tagging
सिविक सेंटर दिल्ली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोगों को संपत्ति कर के मामले बड़ी राहत मिलने जा रही है। दिल्ली नगर निगम सभी संपत्तियों की जियो टैगिंग कर रहा है। इससे ऑनलाइन बस एक क्लिक करने पर संपत्ति कर का ब्योरा मिल जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि दोबारा संपत्ति कर जमा नहीं करना पड़ेगा। 

विज्ञापन


फिलहाल रसीद गुम होने की सूरत में कई बार एमसीडी नोटिस थमा देती थी। कोई प्रमाण न होने पर कई बार फिर से कर देना भी पड़ता है। पहले 50 दिनों में करीब 15 लाख संपत्तियों का डाटा तैयार करने की योजना है। इसमें सबसे पहले चार लाख व्यावसायिक संपत्तियों की टैगिंग होगी। 
विज्ञापन


मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने गुरुवार बताया कि एमसीडी ने मुंबई और बेंगलुरू की तर्ज पर यह काम शुरू किया है। सेटेलाइट के माध्यम से सभी संपत्तियों को टैग किया जाएगा। इससे एमसीडी को अपने इलाके की संपत्तियों की संख्या व संपत्ति करदाताओं के बारे में जानकारी रहेगी। इस प्रक्रिया पर एमसीडी पर कुछ भी खर्च नहीं आएगा। सात दिनों से 20 हजार संपत्तियों को टैग कर दिया गया है और दो महीने में 15 लाख संपत्तियों को टैग करने का लक्ष्य है। इस मुहिम का सबसे पहले फोकस गैर-रिहायशी संपत्तियों की टैगिंग पर रहेगा। ऐसी करीब चार लाख संपत्तियां बताई जा रही हैं। इन संपत्तियोें से ही निगम को ज्यादातर कर मिलता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

31 जनवरी तक काम पूरा करने का लक्ष्य
मेयर ने बताया कि जियो टैगिंग के कार्य को 31 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे एमसीडी प्रत्येक संपत्ति को एक यूनिक एड्रेस या यूनिक कोड देगी। साथ ही, संपत्ति कर में छूट भी दी जाएगी। इस परियोजना से करदाताओं को आने वाली दिक्कतों को कम किया जा सकेगा। पिछले 15 सालों में भाजपा ने एमसीडी में सरकार होने के दौरान संपत्तियों का डाटाबेस तैयार कराने में रूचि नहीं ली। इस कारण एमसीडी को मालूम ही नहीं हो सका कि दिल्ली में कितनी संपत्तियां हैं और कितने संपत्ति करदाता हैं।

एक नजर में योजना
-15 लाख संपत्तियों की करीब 50 दिनों में टैगिंग होगी।
-सबसे पहले 4 लाख व्यावसायिक संपत्तियों की टैगिंग होगी।
-ओला-उबर की तरह लोग ऐप से जिओ टैगिंग कर सकेंगे।
-बेहतर अर्बन प्लानिंग में मदद मिलेगी और लोगों की प्रॉपर्टी का यूनिक एड्रेस मिलेगा।
-टैगिंग करने वाली प्रॉपर्टी को ही टैक्स में रिबेट दी जाएगी।
-प्रॉपर्टी टैक्स पेयर यूपिक व प्रॉपर्टी नंबर से टैग कर पाएंगे।

संपत्ति मालिक मोबाइल से कर सकते हैं टैंगिंग
नेता सदन मुकेश गोयल ने बताया कि लोग अपने मोबाइल के जरिये आसानी से यूपिक व प्रॉपर्टी नंबर की मदद से जियो टैगिंग कर सकते हैं। टैगिंग करने वाली संपत्तियों को ही योजना के तहत संपत्तिकर में छूट मिलेगी। डिप्टी मेयर आले मोहम्मद इकबाल ने कहा कि इस योजना से करदाताओं को आने वाली दिक्कतों को कम किया जा सकेगा। अब तक सभी करदाता सेल्फ असेसमेंट के माध्यम से टैक्स का भुगतान करते हैं। इसके बावजूद उन्हें नोटिस भेज दिए जाते हैं। यह सब दिक्कतें इसलिए आ रही थीं, क्योंकि एक समेकित डाटाबेस नहीं है। इस पहल के बाद इस दिक्कत को भी दूर किया जा सकेगा।

लोगों को परेशान करने वाला कदम: भाजपा
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि जियो टैगिंग के मामले में जनता की समस्याओं को समझने की जगह मेयर हठधर्मिता कर रही हैं। एमसीडी संपत्ति मालिकों, खासकर छोटे आवासीय फ्लोर और फ्लैटों के मालिकों को परेशान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed