दिल्ली: टीकरी बॉर्डर खुलने से आवाजाही हुई आसान, स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में आ रही थी दिक्कत
रविवार को बॉर्डर खुलने के बाद माहौल पूरी तरह से बदल गया है। बॉर्डर होकर आस पास के इलाके में जाने वालों के लिए यह काफी राहत भरा रहा है। ग्रामीण सेवा फिर से लोगों को उनकी मंजिल पर छोड़ रहे हैं। अब लोगों को कम दूरी का सफर तय करने में दिक्कतें नहीं आ रही है।
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टीकरी बॉर्डर पर यातायात शुरू होते ही स्थानीय नागरिकों व दुकानदारों ने सकून की सांस ली है। स्थानीय लोगों को कहना है कि यातायात बंद रहने का असर उनके रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा था। उन्होंने उम्मीद जताई की यातायात खुल जाने से अब जिंदगी पटरी पर आ जाएगी।
स्थानीय निवासी राकेश ने बताया कि बहादुरगढ और दिल्ली के नांगलोई में रहने वाले लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरत के लिए इन जगहों पर आना जाना पड़ता है। इन दोनों जगहों पर जाने में साधारणतया 15 मिनट का समय लगता है लेकिन बॉर्डर बंद होने की वजह से घंटों समय लगता था। लोगों ने बताया कि यातायात बंद होने की वजह से यहां रहने वाले लोगों के कामकाज पर भी असर पड़ रहा था।
जताई उम्मीद- कामकाज जल्द लौटेगा पटरी पर
रविवार को बॉर्डर खुलने के बाद माहौल पूरी तरह से बदल गया है। बॉर्डर होकर आस पास के इलाके में जाने वालों के लिए यह काफी राहत भरा रहा है। ग्रामीण सेवा फिर से लोगों को उनकी मंजिल पर छोड़ रहे हैं। अब लोगों को कम दूरी का सफर तय करने में दिक्कतें नहीं आ रही है। लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि उनका कामकाज भी अब जल्द पटरी पर लौट आएगा।
दुकानदारों ने बताया कि पहले लॉकडाउन फिर बॉर्डर बंद होने से उन्हें काफी घाटे का सामना करना पड़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब सब कुछ पहले की तरह हो जाएगा। उन्होंने बताया कि दुकान पर काम करने वाले ज्यादातर लोग अपने गांव वापस जा चुके हैं। ऐसे में उन्हें कामकाज शुरू करने में दिक्कत आ रही है।