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यात्री कृपया ध्यान दें : रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर पकड़ेगा रफ्तार, नरेला का होगा विकास; 20 साल से था इंतजार

Sat, 07 Dec 2024 12:06 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 07 Dec 2024 12:06 AM IST
सार

इस रूट पर मेट्रो दौड़ाने का प्रोजेक्ट करीब 20 साल से लंबित था। इसे बनाने की योजना सबसे पहले फेज-एक में ही थी, लेकिन प्राथमिकता बदलने से इस दिशा में काम नहीं हो सका। 

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delhi metro Cabinet approves Rithala-Narela-Kundli Corridor
Delhi Metro - फोटो : AdobeStock

विस्तार

दिल्ली मेट्रो की सबसे पुरानी रेड लाइन के विस्तार का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो चुका है। मेट्रो फेज-4 के छठे व आखिरी रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर को केंद्र सरकार की तरफ से हरी झंडी दे दी गई। टेंडर आवंटित होने के बाद चार साल में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जााएगा। परियोजना पर 6,231 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कॉरिडोर के बनने के बाद दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों को फायदा होगा। वहीं, नरेला सब-सिटी में आवाजाही भी आसान होगी। इससे इस इलाके के विकास को पंख लगेंगे। नरेला सब सिटी एजुकेशन हब के तौर पर विकसित होगा।

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इस रूट पर मेट्रो दौड़ाने का प्रोजेक्ट करीब 20 साल से लंबित था। इसे बनाने की योजना सबसे पहले फेज-एक में ही थी, लेकिन प्राथमिकता बदलने से इस दिशा में काम नहीं हो सका। बाद में फेज-4 योजना तैयार की गई थी। फेज-4 के तहत कुल छह कॉरिडोर का निर्माण कराना था। इसमें तीन प्रमुख कॉरिडोर जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम, मजलिस पार्क-मौजपुर व तुगलकाबाद-एरोसिटी का निर्माण कार्य चल रहा है।
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उधर, मार्च में इस साल मार्च इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ व लाजपत नगर-साकेज जी ब्लॉक मेट्रो कॉरिडोर को केंद्र सरकार ने स्वीकृति दी थी। अब रिठाला-कुंडली कॉरिडोर को मंजूरी मिलने से फेज-चार के सभी कॉरिडोर के निर्माण में तेजी आएगी। पहले फेज में रिठाला से नरेला तक करीब 22 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के निर्माण की योजना थी। इस प्रस्तावित कॉरिडोर के डीपीआर में कई बार बदलाव होने के बाद बीते वर्ष जुलाई में केंद्र सरकार ने कॉरिडोर को नरेला से पांच किलोमीटर आगे हरियाणा के नाथुपुर तक बढ़ाने का निर्देश दिया था। इसके मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने नई डीपीआर तैयार किया है।

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विधानसभा चुनाव के बाद शुरू हो सकती है निर्माण प्रक्रिया
इससे पहले रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर को दिल्ली सरकार ने मंजूरी दी थी। बताया जा रहा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद इस काॅरिडोर पर निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दिल्ली मेट्रो मौजूदा समय में इसी साल मार्च में मंजूरी की गई इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ व लाजपत नगर-साकेज जी ब्लॉक मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए प्री टेंडरिंग प्रक्रिया में है। ऐसे में माना जा रहा है कि रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर पर अगले साल विधानसभा चुनाव के बाद निर्माण कार्य से जुड़ी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

तीन राज्यों के बीच होगी निर्बाध कनेक्टिविटी
यह कॉरिडोर यूपी के गाजियाबाद, दिल्ली और हरियाणा के कुंडली के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर मौजूदा रेड लाइन के विस्तार के रूप में किया जा रहा है। यह लाइन यूपी के गाजियाबाद के शहीदस्थल मेट्रो स्टेशन से शुरू होती है और मौजूदा आखिरी स्टेशन रिठाला तक आती है। यहां से इसे से आगे रोहिणी सेक्टर-25, 26, 31, 32, 36, बरवाला, रोहिणी सेक्टर-35,रोहिणी सेक्टर-34, बवाना औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-1,2, बवाना औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-3,4, बवाना जेजे कॉलोनी, न्यू सनोठ, डिपो स्टेशन, भोरगढ़ गांव, अनाज मंडी नरेला, नरेला स्पोर्ट कॉम्प्लेक्स, नरेला, नरेला सेक्टर-5, कुंडली और नाथुपुरा तक जाएगी।

नरेला के विकास को लगेंगे पंख
रिठाला-कुंडली मेट्रो से नरेला-बवाना-अलीपुर के इलाकों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और विकास में भी तेजी आएगी। यह कॉरिडोर नरेला-बवाना सब-सिटी के विकास को गति प्रदान करेगा और रोहिणी सब-सिटी की काफी समय से लंबित आवश्यकताओं को भी पूरा करेगा। यहां पर कनेक्टिविटी के न होने से लोग रहने के लिए आवास नहीं खरीद रहे हैं। ऐसे में मेट्रो के आने से आवासीय परियोजनाओं को भी पंख लगेंगे।

उपराज्यपाल वीके सक्सेना के दिशा-निर्देश में डीडीए, नरेला सब-सिटी को दिल्ली स्थित विश्वविद्यालयों के सात कैंपस और संस्थानों के साथ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, कॉरपोरेट ऑफिस, आईटी पार्क, एम्स और आईजीटीयूडब्ल्यू मेडिकल कैंपस के साथ एजूकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मेट्रो के इस कॉरिडोर के निर्माण से विकास की योजनाओं में तेजी आएगी। इस इलाके में पहले से ही दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, एनआईटी दिल्ली, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ होम्योपैथी, राजा हरीश चंद्र अस्पताल, अनाज मंडी, स्मृति वन और दिल्ली विकास प्राधिकरण की कई परियोजनाएं भी हैं।

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