भूख हड़ताल से पीछे हटी भाजपा, केवल तीन दिन में खत्म हुआ नेताओं का उपवास
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा, हमारा उद्देश्य पूरा हुआ, अब जनता के बीच जाकर करेंगे जनता के हक की बात
- कई नेताओं की तबियत खराब होने के बाद केंद्रीय मंत्री को लाकर किसी तरह खत्म कराया गया धरना
विस्तार
भूख हड़ताल से आंदोलन करने का इस देश में लंबा इतिहास है। आजादी के समय महात्मा गांधी से लेकर अन्ना आंदोलन तक में इस हथियार को खूब आजमाया गया। इसने जनता और सरकारों पर अपना अच्छा असर भी दिखाया। लेकिन भूख हड़ताल करना आसान काम नहीं होता। यह बात आज भाजपा के नेताओं को अच्छी तरह समझ में आ गई होगी जो पिछले तीन दिनों से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भूख हड़ताल करते हुए धरना दे रहे थे।
तीन दिन में ही नेताओं की तबियत खराब हो गई। जयप्रकाश और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की पूर्व मेयर सहित कई नेताओं को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। शनिवार को अंततः केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लाकर भूख हड़ताल कर रहे नेताओं को जूस पिलाकर किसी तरह धरना खत्म कराया गया। पार्टी के धरने से ज्यादा चर्चा इसके खत्म कराने के तरीके को लेकर हो रही है।
इसके पहले आम आदमी पार्टी मुख्यमंत्री आवास के बाहर हुए इस धरने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गई थी। कोर्ट ने इस तरह के धरने को अनुचित बताया था। इसके बाद शनिवार को ही सुबह जिले के डीसीपी ने भाजपा नेताओं को हाईकोर्ट के आदेश के संज्ञान में धरना हटाने का निर्देश दिया था। बताया जाता है कि इसके बाद ही केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह को बुलाकर धरना खत्म कराने की भूमिका लिखी गई।
आदेश गुप्ता ने कहा, उद्देश्य पूरा हुआ
13 दिनों से चल रहा धरना और 17 दिसंबर से चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को समाप्त करने के अवसर पर भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि उनका उद्देश्य पूरा हुआ। इसके जरिए वे दिल्ली की जनता को यह बताने में सफल रहे कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार निगम को काम नहीं करने दे रहे हैं। एक कविता साझा करते हुए उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर हमला भी किया।
आप ने उड़ाया मजाक
आम आदमी पार्टी विधायक सौरभ भारद्वाज ने पहले ही भाजपा के उपवास पर तंज कसते हुए कहा है कि भाजपा नेता खाने के बिना नहीं रह सकते। वे 'खाने' के शौकीन होते हैं। वे भूख हड़ताल कर ही नहीं सकते। भाजपा नेताओं ने धरनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का यह कहते हुए विरोध किया था कि इससे धरनारत महिलाओं को सोने इत्यादि में परेशानी हो रही है।
इस पर तंज कसते हुए आप नेताओं कहा दिया था कि सीसीटीवी तो सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। लेकिन भाजपा नेता इस सीसीटीवी को इसलिए हटाना चाहते हैं जिससे वे भूख हड़ताल के बीच भी खाना जारी रख सकें। पार्टी ने उपवास के इस 'नाटक' से हटते हुए असली मुद्दों पर राजनीति करने का सुझाव दिया था।
पार्टी के ही नाराज नेता उड़ा रहे हंसी
एक समय दिल्ली प्रदेश इकाई में बेहद प्रभावशाली भूमिका निभा चुके एक भाजपा नेता इस समय खेमे से बाहर हैं। उनके जैसे कुछ नेता जो इस समय पार्टी में उचित महत्व न दिए जाने से परेशान हैं, उपवास के मामले पर पार्टी की हुई इस फजीहत से काफी प्रसन्न दिखाई पड़ रहे हैं। एक नेता ने तो यहां तक कह दिया कि केजरीवाल बहुत बड़े 'नौटंकीबाज' हैं, लेकिन भाजपा की मुश्किल यह है कि इस पार्टी में केजरीवाल की टक्कर का कोई 'नौटंकीबाज' नहीं है।