Delhi Mayor Election: अबकी बार नए समीकरण के साथ होगा मेयर का चुनाव, मतदान से पहले BJP को मिला मनोवैज्ञानिक लाभ
सदन में आप पार्टी का पलड़ा अभी भी भारी रहेगा। लेकिन दिल्ली विधानसभा और निगम में भी सत्ता में रहने के बावजूद इस तरह आप पार्टी के पार्षद का विपक्ष के साथ जाना भाजपा के लिए निःसंदेह मनोवैज्ञानिक बढ़त है।
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अबकी बार नए समीकरण के साथ मेयर का चुनाव होगा। पिछले चुनाव के मुकाबले भाजपा कुछ ज्यादा मजबूत व आम आदमी पार्टी कुछ कमजोर नजर आएगी। फिलहाल निगम में विपक्ष में बैठी भाजपा ने भले ही चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी की एक और पार्षद को अपने पक्ष में कर लिया है। सदन में आप पार्टी का पलड़ा अभी भी भारी रहेगा। लेकिन दिल्ली विधानसभा और निगम में भी सत्ता में रहने के बावजूद इस तरह आप पार्टी के पार्षद का विपक्ष के साथ जाना भाजपा के लिए निःसंदेह मनोवैज्ञानिक बढ़त है। निगम में दल बदल कानून नहीं लागू होने का फायदा लगातार भाजपा को मिलता नजर आ रहा है।
चार दिसम्बर को हुए एमसीडी के चुनाव में आप पार्टी को 134 सीटें मिली थीं, भाजपा को 104, कांग्रेस को नौ और तीन निर्दलीय पार्षद जीते थे। सात दिसम्बर को चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद ही मुंडका वार्ड से निर्दल पार्षद गजेंद्र दराल ने कमल का दामन थाम लिया था। वह पहले भी भाजपा के साथ थे, लेकिन पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दल चुनाव जीता और फिर से पार्टी में लौट आए।
इसके बाद पिछली बार 24 फरवरी को हुए मेयर चुनाव से बस कुछ ही देर पहले बवाना वार्ड से आप के पार्षद पवन सहरावत ने झाड़ू का साथ छोड़कर कमल का दामन थाम लिया था। अब फिर से चुनाव से ठीक दो दिन पहले आम आदमी पार्टी को झटका लगा है। इस बार आम आदमी पार्टी की द्वारका-सी वार्ड से महिला पार्षद सुनीता ने बीजेपी का दामन थाम लिया है।
-मेयर चुनाव के लिए कुल वोट - 250 पार्षद - 7 लोकसभा सदस्य - 3 राज्यसभा सांसद - 14 विधायक-(274)
-आप पार्टी के वोट- 132 पार्षद - 3 राज्यसभा सदस्य - 13 विधायक-(148)
-भाजपा के कुल वोट- 107 पार्षद - 7 लोकसभा सदस्य - 1 विधायक-(115)
-दो निर्दल पार्षद - 9 कांग्रेस पार्षद (अभी तय नहीं कि किसका समर्थन करेंगे)