Delhi Mayor Poll: 22 फरवरी को दिल्ली को मिलेगा महापौर, सीएम केजरीवाल के प्रस्ताव पर एलजी ने लगाई मुहर
सुबह सीएम केजरीवाल ने एलजी को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने 22 फरवरी को चुनाव कराने के लिए कहा था। एलजी वीके सक्सेना ने उनके इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। अब 22 फरवरी की सुबह 11 बजे एमसीडी सदन में महापौर, उप महापौर और स्थायी समिति के सदस्यों के लिए चुनाव होगा।
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अगर सब कुछ ठीक रहा तो 22 फरवरी को दिल्ली को महापौर मिल जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रस्ताव को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी दे दी है। केजरीवाल ने सुबह एलजी को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें 22 फरवरी को चुनाव कराने के लिए कहा था, जिस पर एलजी ने मुहर लगा दी है। अब 22 फरवरी को सुबह 11 बजे से एमसीडी सदन में महापौर, उप महापौर और स्थायी समिति के छह सदस्यों के लिए चुनाव होगा। इससे पहले कोर्ट ने आदेश दिया था कि निगम की पहली बैठक का नोटिस 24 घंटे के भीतर जारी हो। आदेश में कोर्ट ने यह भी कहा कि निगम की पहली बैठक में मेयर का चुनाव हो। चुनाव होने के बाद मेयर की अध्यक्षता में अध्यक्षता में डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के छह सदस्यों का चुनाव किया जाएगा।
चार दिसंबर को हुए चुनाव, मेयर चुनाव के लिए महीने भर बाद पहली बैठक
एमसीडी के चुनाव चार दिसंबर को हुए थे। वोटों की गिनती 7 दिसंबर को हुई थी। 250 वार्डों में से आम आदमी पार्टी को 134 वार्डों में जीत मिली। भाजपा ने 104 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को केवल नौ सीटें मिलीं। चुनाव परिणाम आने के करीब महीने भर बाद छह जनवरी को मेयर चुनाव के लिए सदन की बैठक बुलाई गई। इस दिन मनोनीत पार्षदों को पहले शपथ दिलाने के पीठासीन अधिकारी के फैसले का आम आदमी पार्टी ने विरोध किया, सदन में हंगामा हुआ और पीठासीन अधिकारी ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
दूसरी बैठक भी हंगामे की भेंट चढ़ी
एलजी के आदेश से दोबारा 24 जनवरी को मेयर चुनाव के लिए सदन की बैठक बुलाई गई। इस दिन मनोनीत सदस्यों और पार्षदों की शपथ हो गई, लेकिन आप के एक पार्षद ने जैसे ही मंच पर चढ़कर निगम सचिव से बात करनी चाही, इसका भाजपा के पार्षदों ने जबरदस्त तरीके से विरोध किया। फिर से सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। आम आदमी पार्टी ने सदन में मीडिया के सामने हेड काउंट कर हाजिरी लगाई और बहुमत सिद्ध किया व सदन में ही धरना भी दिया। दूसरी तरफ भाजपा की मेयर प्रत्याशी रेखा गुप्ता ने भी उनके साथ बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया और वे भी सदन के बाहर धरने पर बैठी रहीं।
दो विधायकों की वोटिंग को लेकर हंगामा
छह फरवरी को तीसरी बार मेयर चुनाव कराने के लिए सदन की बैठक बुलाई गई। पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने मेयर, डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के छह सदस्यों के चुनाव एक साथ कराने की घोषणा की। साथ ही, मनोनीत पार्षदों के मेयर चुनाव में हिस्सा लेने की घोषणा की। इसका आप विधायक महेंद्र गोयल ने विरोध किया। दूसरी तरफ भाजपा पार्षद शिखा राय ने पीठासीन अधिकारी से कहा कि आप के दो विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी और संजीव झा को कोर्ट से सजा मिल चुकी है, यह दोनों सदस्य मेयर चुनाव में वोट देने के योग्य नहीं हैं। पीठासीन अधिकारी ने उनका समर्थन किया और आप के दोनों विधायकों का सदन से बादर जाने के लिए कह दिया। इसके बाद हंगामा बढ़ गया और पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
चार बैठकें हो चुकीं नाकाम
मेयर चुनाव के लिए 16 फरवरी को चौथी बार सदन की बैठक बुलाई गई, लेकिन इससे पहले ही आम आदमी पार्टी की मेयर प्रत्याशी शैली ओबेरॉय चुनाव का मामला लेकर कोर्ट पहुंच गईं। 15 फरवरी को ही यह तय हो गया था कि मेयर का 16 को चुनाव नहीं होगा। अब उम्मीद है कि शनिवार को मेयर चुनाव की नई तारीखों का ऐलान हो जाएगा। आम आदमी पार्टी ने ईस्ट पटेल नगर की पार्षद शैली ओबेरॉय और भाजपा ने शालीमार बाग-बी वार्ड की पार्षद रेखा गुप्ता को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है।