फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Lok Sabha elections BJP succeeded in winning all seven seats for the third time

Delhi Election Results: दिल्ली की सियासत के संग्राम में भाजपा ने किया तीसरी बार क्लीन स्वीप, विपक्ष धराशायी

Tue, 04 Jun 2024 10:41 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 04 Jun 2024 10:41 PM IST
सार

राजधानी में 2014 व 2019 लोकसभा चुनाव में जो ट्रेंड देखने को मिला, 2024 में भी वही रहा। खास बात यह कि गठबंधन ने कन्हैया कुमार, जेपी अग्रवाल और महाबल मिश्रा जैसे दिग्गज नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा था। इसके बावजूद ये नेता अपना जादू नहीं बिखेर सके।

विज्ञापन
Delhi Lok Sabha elections BJP succeeded in winning all seven seats for the third time
दिल्ली की सातों सीट पर भाजपा ने दर्ज की जीत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में भाजपा का उम्मीदवारों के बदलाव का तरीका कामयाब रहा। केंद्रीय नेतृत्व ने सात सीटों में से छह पर नये चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा था। मौजूदा सांसदों की सियासी हवा खराब होने से उनका टिकट काट दिया गया था। इनमें एक केंद्रीय मंत्री थीं तो अन्य दो-दो बार केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा रहे थे। इनकी जगह पर पार्टी ने दो पूर्व मेयर व एक विधायक को टिकट दिया।

विज्ञापन

भाजपा ने केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी की जगह नई दिल्ली लोकसभा सीट से बांसुरी स्वराज पर दांव लगाया था। इसी तरह पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन का टिकट काटकर चांदनी चौक से व्यापारी नेता प्रवीण खंडेलवाल को चुनावी मैदान में उतारा था। पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से गौतम गंभीर की जगह हर्ष मल्होत्रा को गठबंधन के प्रत्याशी के खिलाफ दो-दो हाथ करने के लिए उतारा गया था। इसी तरह प्रवेश वर्मा, रमेश बिधूड़ी, हंस राज हंस जैसे नेताओं का भी टिकट पार्टी ने काटकर नये चेहरे योगेंद्र चंदोलिया, कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी, बांसुरी स्वराज, हर्ष मल्होत्रा को चुनावी मैदान में उतारा था। इस बदलाव के बावजूद बड़े अंतर से भाजपा प्रत्याशियों ने छह सीटों पर ऐतिहासिक जीत हासिल कर ली। उधर, एकमात्र सीट उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी पर पार्टी ने तीसरी बार दांव लगाया और वे भी तीसरी बार जीत दर्ज करने में पीछे नहीं रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

मनोज तिवारी व बांसुरी स्वराज का चमका सितारा
सत्ता की सियासत में जीतने वाला बादशाह बनता है तो हारने वाले के राजनीतिक कॅरिअर पर प्रश्न चिन्ह उठते हैं। इस लिहाज से दिल्ली में जीत की हैट्रिक लगाने वाले मनोज तिवारी और नई दिल्ली संसदीय सीट से जीत दर्ज करने वाली बांसुरी स्वराज का सितारा चमकेगा। दोनों नेताओं का कद काफी ऊंचा पार्टी में हो जाएगा। वहीं, कांग्रेस व आप नेता जेपी अग्रवाल और महाबल मिश्रा की सियासी पारी पर ब्रेक लग सकता है। दोनों नेता उम्र के ऐसे पड़ाव में हैं कि पांच साल बाद लोकसभा चुनाव हुए का टिकट मिलना मुश्किल होगा। दरअसल, दोनों नेताओं की लड़ाई इस बार विरासत बचाने और उत्तराधिकार सौंपने की भी थी। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली से कन्हैया कुमार पर दांव लगाया था। पूरी पार्टी को उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव की तरह ही उनका इस बार भी सिक्का दिल्ली में नहीं चला।

विज्ञापन

लिहाजा, अब इन्हें भी दिल्ली की राजनीति की जगह अपने राज्य में ही राजनीति करने की मजबूरी होगी। इसी तरह जेपी और महाबल को भी राजनीतिक संन्यास लेना पड़ सकता है। नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से आम आदमी पार्टी ने अपने तेज तर्रार विधायक सोमनाथ भारती को उतारा था। इसी तरह पूर्वी दिल्ली से विधायक कुलदीप चुनावी मैदान में थे तो दक्षिणी दिल्ली से विधायक सहीराम चुनावी मैदान में थे। भाजपा प्रत्याशियों से हार के बाद इनके भी सियासी कॅरिअर पर संकट आ गया है।

मां की सियासत पर बेटी ने बढ़ाया कदम
दिल्ली की सियासत में दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का दखल रहा है। दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रहीं और लोकसभा चुनाव जीतकर केंद्रीय कैबिनेट में भी रहीं। अब मां की सियासत पर बेटी बांसुरी स्वराज कदम बढ़ाएंगी। मतदान और चुनाव प्रचार के दौरान भी सुषमा स्वराज की छवि लोग बांसुरी स्वराज में देख रहे थे। भाजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरी बांसुरी की दावेदारी भी असरदार रही। दिल्ली में सबसे पहली जीत वाली जिस सीट की घोषणा हुई, उसमें नई दिल्ली का ही नाम सबसे पहले आया। राजनीति की जानकारों की माने तो बांसुरी की भले ही सियासी पारी शुरू हो रही है, लेकिन वह लंबी दूरी की राजनेता बनेंगी। युवा नेता के साथ ही उनकी पढ़ाई-लिखाई, भाषण देने की शैली ही बताती है कि वह सधी हुई नेता है। नई दिल्ली संसदीय सीट से जीतने वाले सांसद केंद्र की सरकार में कई ऊंचे पद पर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed