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दिल्ली: एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट हुए शुरू, निकाला आसान रास्ता
Tue, 10 Dec 2019 04:05 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 10 Dec 2019 04:05 PM IST
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aiims
- फोटो : file photo
दिल्ली एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट एक बार फिर शुरू हो चुका है फिलहाल बेड की कमी के कारण इन्हें बंद रखा गया था। इस संबंध में एम्स के प्रबंधन का कहना है कि इसके लिए उन्होंने एक आसान रास्ता निकाला है। इसी के बाद ट्रांसप्लांट शुरू हुए हैं।
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नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ एस के अग्रवाल ने बताया कि आपातकालीन वार्ड में किडनी रोगियों के लिए छह बेड हैं। जबकि उनके विभाग में 24 बेड हैं। इसमें से चार बेड ट्रांसप्लांट रोगियों के लिए हैं। करीब 30 साल से एक भी बेड नहीं बढ़ा है। बेड कम होने के कारण ट्रांसप्लांट सुविधा को रोकना पड़ा था।
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दरअसल एम्स को आपातकालीन वार्ड में किसी भी रोगी को 48 घंटे के भीतर वार्ड में शिफ्ट या छुट्टी देने का नियम है। ऐसे में किडनी रोगियों को वहां से वार्ड में भेजना पड़ता है जिसके चलते ट्रांसप्लांट के बाद बेड भी देने पड़ते हैं। अब एम्स प्रबंधन ने ट्रांसप्लांट चालू कराने के लिए विभाग को ये अधिकार दिया है कि वे अपने रोगी को आपातकालीन वार्ड के छह बेड पर रोक सकते हैं।
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सूत्रों का कहना है कि कुछ निजी अस्पताल एम्स के मरीजों को अपने यहां ट्रांसप्लांट कराना चाहते हैं। इसे लेकर एम्स के डॉक्टर नाराज हैं, क्योंकि उनका कहना है कि निजी अस्पतालों एम्स या सफदरजंग से रिटायर डॉक्टर हैं जो अपना नाम कमाने के लिए एम्स के मामलों में दखल दे रहे हैं। जो कि गलत है।
एम्स के किडनी रोग विभाग में 24 बेड उपलब्ध हैं। इनमें से चार किडनी प्रत्यारोपण और दो डायलिसिस के लिए आरक्षित हैं।
जानकारी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर के 36 अस्पतालों में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा है। इनमें से चार सरकारी अस्पतालों में ही यह सुविधा उपलब्ध है, अन्य निजी अस्पताल हैं।