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Kanjhawala Case: 20 कॉल के बाद भी अंजलि की लाश नहीं ढूंढ पाई थी पुलिस, जांच में सामने आई PCR की लापरवाही
Wed, 04 Jan 2023 01:38 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 04 Jan 2023 01:38 PM IST
सार
दिल्ली के कंझावला सड़क हादसे की जांच के लिए बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दिल्ली पुलिस कमिश्नर को सौंप दी है। रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है।
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Delhi case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के कंझावला सड़क हादसे की जांच के लिए गृहमंत्राल के आदेश पर बनी जांच कमेटी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को रिपोर्ट सौंप दी है। दिल्ली पुलिस की विशेष आयुक्त शालिनी सिंह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय को देने के लिए रिपोर्ट तैयार की गई है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 13 किलोमीटर के रूट पर पांच पीसीआर वैन तैनात थीं। पांच से छह पीसीआर कॉल हुई। चश्मदीद दीपक से 20 से ज्यादा बार पुलिस अफसरों ने बात की थी। उसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए कुल नौ पीसीआर वैन को लगाया गया। आरोपियों को लोकल पुलिस भी खोज रही थी, लेकिन फिर भी दिल्ली पुलिस मौके से आरोपियों को नहीं पकड़ पाई।
रिपोर्ट के अनुसार, पहली पीसीआर कॉल रात 2 :18 बजे मिली। जिसमें एक शख्स ने दुर्घटना के बारे में जानकारी दी। दूसरी पीसीआर कॉल 2:20 पर मिली यह भी दुर्घटना के बारे में थी। इसके बाद दो पीसीआर कॉल 3:24 बजे के आसपास आई। इसमें चश्मदीद दीपक ने बताया कि कार में किसी का शव लटका है।
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फिर 4:26 बजे और 4:27 बजे साहिल नाम के शख्स ने दो पीसीआर कॉल कर बताया कि सड़क पर एक महिला का शव पड़ा है। उस रास्ते पर कुल 5 पीसीआर वैन थीं, लेकिन सीरियस कॉल को देखते हुए कुल नौ पीसीआर वैन को लगाया गया, फिर भी कोई पीसीआर कार को नहीं खोज पाई, क्योंकि दावा किया जा रहा है कि रात में धुंध थी और पीसीआर के पहुंचने के पहले कार निकल जाती थी। जबकि पीसीआर का रिस्पॉन्स टाइम ठीक था।
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रिपोर्ट के अनुसार, 13 किलोमीटर के रूट पर पांच पीसीआर वैन तैनात थीं। पांच से छह पीसीआर कॉल हुई। चश्मदीद दीपक से 20 से ज्यादा बार पुलिस अफसरों ने बात की थी। उसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए कुल नौ पीसीआर वैन को लगाया गया। आरोपियों को लोकल पुलिस भी खोज रही थी, लेकिन फिर भी दिल्ली पुलिस मौके से आरोपियों को नहीं पकड़ पाई।
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रिपोर्ट के अनुसार, पहली पीसीआर कॉल रात 2 :18 बजे मिली। जिसमें एक शख्स ने दुर्घटना के बारे में जानकारी दी। दूसरी पीसीआर कॉल 2:20 पर मिली यह भी दुर्घटना के बारे में थी। इसके बाद दो पीसीआर कॉल 3:24 बजे के आसपास आई। इसमें चश्मदीद दीपक ने बताया कि कार में किसी का शव लटका है।
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फिर 4:26 बजे और 4:27 बजे साहिल नाम के शख्स ने दो पीसीआर कॉल कर बताया कि सड़क पर एक महिला का शव पड़ा है। उस रास्ते पर कुल 5 पीसीआर वैन थीं, लेकिन सीरियस कॉल को देखते हुए कुल नौ पीसीआर वैन को लगाया गया, फिर भी कोई पीसीआर कार को नहीं खोज पाई, क्योंकि दावा किया जा रहा है कि रात में धुंध थी और पीसीआर के पहुंचने के पहले कार निकल जाती थी। जबकि पीसीआर का रिस्पॉन्स टाइम ठीक था।
आरोपियों को पता था कि उन्होंने स्कूटी सवार लड़की को टक्कर मारी है। उन्होंने दो-तीन बार लड़की को कार आगे पीछे कर कुचला। आरोपियों ने ढाई किलोमीटर घसीटने के बाद लड़की का घिसटता हाथ देख लिया था। आरोपियों को कार में कुछ अटका होने का आभास था। उन्होंने बाहर देखा तो लड़की का हाथ दिखाई दिया। लेकिन रास्ते में खड़ी एक पीसीआर को देखकर फिर से युवती को घसीटने लगे।
युवती को गिराने के लिए कार से चार बार से ज्यादा यू-टर्न लिया था। महज 24 सेकंड में यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। इस दौरान कार चार सुल्तानपुरी, अमन विहार, प्रेम नगर और कंझावला थाना इलाके से गुजरी।