Pollution : दिल्ली सबसे प्रदूषित, जहरीली धुंध में पुलिस की रात भर पहरेदारी; सात राज्यों में घने कोहरे का अलर्ट
दिल्ली में ग्रैप-4 को असरदार तरीके से लागू करने और प्रतिबंधित वाहनों को राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए पुलिस ने रात भर पहरेदारी की। मौसम विभाग ने दो दिन तक सात राज्यों दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।
विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत समूचे उत्तर भारत का जहरीली धुंध में दम फूल रहा है। देश में दिल्ली कल सबसे प्रदूषित शहर रहा। ठहरी हवाओं और गिरते तापमान ने स्थिति को और जटिल बना दिया। घने कोहरे की मोटी चादर पंजाब, हरियाणा से लेकर राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मुंबई तक छाई रही। इससे दृश्यता कम हुई और विमानों व ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा। कई ट्रेनें देर से चल रही हैं। दिल्ली में ग्रैप-4 को असरदार तरीके से लागू करने और प्रतिबंधित वाहनों को राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए पुलिस ने रात भर पहरेदारी की। मौसम विभाग ने दो दिन तक सात राज्यों दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 488 दर्ज किया गया। राजधानी के 32 निगरानी केंद्रों में से दो-सोनिया विहार व अलीपुर में एक्यूआई 500 और 29 केंद्रों में 480 से अधिक दर्ज हुआ। हालांकि, दिन में हल्की हवा चलने से एक्यूआई में कुछ सुधार हुआ। शाम चार बजे औसत एक्यूआई 460 दर्ज किया गया, जो अति गंभीर श्रेणी है। एनसीआर के प्रमुख शहरों-गाजियाबाद में एक्यूआई 434, हापुड़ में 419, बुलंदशहर में 416, गुरुग्राम में 402, नोएडा 370, ग्रेनो 372, फरीदाबाद 320 रहा। इसके चलते लोगों को दमघोंटू हवा का सामना करना पड़ा।
#WATCH | Delhi Police checking vehicles to ensure the proper implementation of Stage-IV of the Graded Response Action Plan (GRAP) which enforces a ban on the operation of Delhi-registered BS-IV and below diesel-operated medium goods vehicles (MGVs) and heavy goods vehicles… pic.twitter.com/nBMT1gqRWO
— ANI (@ANI) November 19, 2024
60 गुना अधिक जहरीली हुई राजधानी की हवा
राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता की गंभीर स्थिति इसी से समझी जा सकती है कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की निर्धारित सीमा से 60 गुना अधिक जहरीली हो गई है। संगठन के मुताबिक, हवा में पीएम 2.5 प्रदूषकों का वार्षिक औसत स्तर 5 एमयूग्राम प्रति घन मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। वहीं, दिल्ली में यह 315 एमयूग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
- पीएम यानी पार्टिकुलर मैटर : एक से 2.5 माइक्रोन के बीच व्यास वाले सूक्ष्म प्रदूषक होते हैं जो हवा में फैले होते हैं। सांस के साथ फेफड़े तक पहुंच जाते हैं
- यह सांस की बीमारियों के साथ ही कैंसर जैसी घातक बीमारी का भी कारण बनते हैं
राजस्थान के एनसीआर क्षेत्र में खनन, क्रशर इकाइयां बंद...राजस्थान सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में आने वाले जिलों में खनन और क्रशर इकाइयां बंद करने के निर्देश दिए हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने ग्रेप-4 के मानकों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है। ऐसा न करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम में घर से काम करने की सलाह जारी
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए मंगलवार को गुरुग्राम जिला प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम के लिए सलाह जारी की। उपायुक्त अजय कुमार की ओर से जारी एडवाइजरी में काॅरपोरेट व निजी कंपनियों से कहा गया है कि 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से ही काम करने की अनुमति दी जाए।
ट्रेनों और उड़ानों पर असर
- धुंध के कारण दृश्यता में भारी गिरावट हुई। सुबह करीब सात बजे भीकाजी कामा प्लेस के आसपास दृश्यता गिरकर शून्य मीटर तक रह गई थी। पूरे इलाके में कोहरे की मोटी परत छाई रही
- कल सुबह सफदरजंग हवाईअड्डे के आसपास दृश्यता 150 मीटर तक रह गई थी। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास भी गहरी धुंध छाई रही। इससे 10 उड़ानों और 22 ट्रेनाें में देरी हुई। ट्रेनों के समय में भी बदलाव करना पड़ा
आगरा में दृश्यता शून्य तक आई
घने कोहरे के कारण आगरा में दृश्यता गिरकर शून्य मीटर तक आ गई थी। सुबह के समय ताजमहल धुंध और कोहरे की मोटी चादर के बीच कुछ समय के लिए ओझल-सा हो गया। इससे सैलानियों को निराशा हुई। हालांकि, दिन निकलने के साथ हालात में कुछ सुधार हुआ।
सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई की अनुमति
गंभीर प्रदूषण के बीच सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई की अनुमति दे दी गई है। हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने पूरी तरह ऑनलाइन सुनवाई की वकीलों की मांग खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल सिब्बल ने मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ के समक्ष यह मुद्दा उठाया। पीठ ने कहा, हम यह वकीलों पर छोड़ते हैं। अगर कोई चाहे, तो वह ऑनलाइन दलीलें रख सकता है।