केजरीवाल के धरने पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा-आप इस तरह किसी के घर में घुसकर धरना नहीं दे सकते
गौरतलब है कि केजरीवाल के धरने पर बैठने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने एक याचिका दायर की थी जिसकी सुनवाई अदालत ने सोमवार को तय की थी। इसी की सुनवाई के दौरान आज कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के धरने पर सख्त टिप्पणी की।
कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील से कहा कि इसे आप धरना या हड़ताल नहीं कह सकते। आप किसी के दफ्तर या घर में घुसकर इस तरह धरना नहीं दे सकते।
इससे पहले जब सुनवाई शुरू हुई तो दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि, दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने कल ये बात स्वीकार की थी कि वो मंत्रियों द्वारा बुलाई जा रही बैठक में भाग नहीं ले रहे।High Court to Delhi Government Lawyer: This can’t be called a strike. You can’t go inside someone’s office or house and hold a strike there.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 18, 2018
इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने वकील से कहा कि, मुद्दा ये है कि आप धरने पर बैठे हैं। आपको किसने ये अधिकार दिया कि आप इस तरह के धरने पर बैठें?
तब दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि यह व्यक्तिगत फैसला है।
फिर अदालत ने फिर पूछा कि किसने इसे अधिकारिक मान्यता दी? किसने इसकी इजाजत दी?
इसके बाद ही कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आप इस तरह किसी के घर में घुसकर जबरन धरना नहीं दे सकते।
Delhi Govt Lawyer: IAS officers yesterday accepted they are not attending meetings called by ministers
— ANI (@ANI) June 18, 2018
Delhi High Court: Thing is that you’re sitting on a dharna. Who authorized them to sit on a dharna like this?
Lawyer: It’s an individual decision.
Delhi HC: Is it authorized?