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Delhi NCR News: दिल्ली हाईकोर्ट ने जीएसटीए चुनाव रद्द करने के आदेश को पलटा
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31 जनवरी तक चुनाव कराने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूल शिक्षक संघ (जीएसटीए) के चुनाव प्रक्रिया को रद्द करने वाले रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश को खारिज कर दिया है। अदालत ने चुनाव 31 जनवरी 2026 से पहले कराने के निर्देश दिए हैं, साथ ही उन शिक्षकों को सदस्यता वापस लेने का विकल्प दिया है जो जबरन सदस्य बनाए गए थे। यह फैसला लोकतांत्रिक अध्यापक मंच और जीएसटीए की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के बाद 5 दिसंबर को न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने सुनाया।
जीएसटीए के चुनाव 2014 में आखिरी बार हुए थे। शिक्षकों की शिकायतों पर हाईकोर्ट ने मई 2024 में निर्देश दिए थे कि चुनाव अक्तूबर 2024 तक पूरे किए जाएं। इसके बाद जीएसटीए की जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) 4 अक्तूबर 2024 को वर्चुअल मोड में हुई, जहां सदस्यता सूची और फीस कलेक्शन का काम स्कूल प्रमुखों को सौंपा गया। रिटर्निंग ऑफिसर ने 15 सितंबर 2025 को चुनाव अधिसूचना जारी की, जिसमें मतदान की तारीख 10 दिसंबर 2025 तय की गई थी। हालांकि, रिटर्निंग ऑफिसर ने 1 दिसंबर 2025 को पूरे चुनाव प्रक्रिया को शुरू से रद्द कर दिया और सदस्यता फीस वापस करने के आदेश दिए। अदालत ने माना कि जीएसटीए का संविधान सदस्यता और फीस संग्रह का काम संघ को ही सौंपता है, न कि स्कूल प्रमुखों को। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, अदालत ने वर्तमान सदस्यता सूची पर चुनाव कराने की अनुमति दी, साथ ही स्कूल प्रमुखों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूल शिक्षक संघ (जीएसटीए) के चुनाव प्रक्रिया को रद्द करने वाले रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश को खारिज कर दिया है। अदालत ने चुनाव 31 जनवरी 2026 से पहले कराने के निर्देश दिए हैं, साथ ही उन शिक्षकों को सदस्यता वापस लेने का विकल्प दिया है जो जबरन सदस्य बनाए गए थे। यह फैसला लोकतांत्रिक अध्यापक मंच और जीएसटीए की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के बाद 5 दिसंबर को न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने सुनाया।
जीएसटीए के चुनाव 2014 में आखिरी बार हुए थे। शिक्षकों की शिकायतों पर हाईकोर्ट ने मई 2024 में निर्देश दिए थे कि चुनाव अक्तूबर 2024 तक पूरे किए जाएं। इसके बाद जीएसटीए की जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) 4 अक्तूबर 2024 को वर्चुअल मोड में हुई, जहां सदस्यता सूची और फीस कलेक्शन का काम स्कूल प्रमुखों को सौंपा गया। रिटर्निंग ऑफिसर ने 15 सितंबर 2025 को चुनाव अधिसूचना जारी की, जिसमें मतदान की तारीख 10 दिसंबर 2025 तय की गई थी। हालांकि, रिटर्निंग ऑफिसर ने 1 दिसंबर 2025 को पूरे चुनाव प्रक्रिया को शुरू से रद्द कर दिया और सदस्यता फीस वापस करने के आदेश दिए। अदालत ने माना कि जीएसटीए का संविधान सदस्यता और फीस संग्रह का काम संघ को ही सौंपता है, न कि स्कूल प्रमुखों को। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, अदालत ने वर्तमान सदस्यता सूची पर चुनाव कराने की अनुमति दी, साथ ही स्कूल प्रमुखों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी।
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