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दाती महाराज की मुश्किलें बढ़ना तय, हाईकोर्ट ने कहा होगी सीबीआई जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:25 PM IST
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फाइल फोटो
दिल्ली हाईकोर्ट ने दाती महाराज को तगड़ा झटका देते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने दाती महाराज की उस याचिका को खारिज किया है जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे दुष्कर्म के आरोप के मामले को सीबीआई को सौंपने के फैसले पर पुनर्विचार के लिए अनुरोध किया था।
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अदालत के इस आदेश के बाद यह तय हो गया है कि दाती महाराज की शिष्या ने उन पर जो दुष्कर्म का आरोप लगाया है, अब उसकी जांच सीबीआई ही करेगी। इस तरह अब दाती महाराज की मुश्किलें बढ़ना तय हैं।
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गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को दी थी। इस पर दाती महाराज ने याचिका दायर कर कहा था कि हाईकोर्ट ने उसका पक्ष जाने बिना ही सीबीआई जांच का निर्देश दे दिया। पीड़िता ने दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी।
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दिल्ली पुलिस ने दाती महाराज और उसके तीन भाइयों को गिरफ्तार किए बिना ही एक अक्तूबर को चार्जशीट दाखिल की थी। हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ के समक्ष दाती महाराज के वकील ने पिछली सुनवाई में कहा था कि इस मामले में दिल्ली पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इस पर संज्ञान लिया जाना है। पुलिस की जांच से निचली अदालत सहमत नहीं होती तो वह आगे जांच या दोबारा जांच का निर्देश दे सकती है। इसलिए इस मामले में सीबीआई जांच की फिलहाल कोई जरूरत नहीं थी।
सीबीआई ने 30 अक्तूबर को रिपोर्ट दाखिल कर कहा था कि वह इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर चुकी है। हाईकोर्ट ने तीन अक्तूबर को जांच सौंपते हुए सीबीआई को तीन माह के भीतर पूरक आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया था।
7 जून को पीड़िता ने दी शिकायत
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पीड़िता के वकील प्रदीप तिवारी ने खंडपीठ के समक्ष कहा था कि युवती ने अपनी शिकायत 7 जून 2018 को फतेहपुर बेरी थाने में दी थी। इसकी एफआईआर पुलिस ने तीन दिन बाद 10 जून को दर्ज की थी। इसके बाद भी पुलिस ने दाती को पूछताछ के लिए आठ दिन का समय दिया, लेकिन वह नहीं आया।
पुलिस ने उसके आश्रमों पर छापेमारी की, लेकिन वह नहीं मिला। वह पुलिस के पास आया तो पुलिस ने जांच में सहयोग करने के नाम पर उसे गिरफ्तार नहीं किया। यह दुष्कर्म का मामला है और दाती की इसमें फौरन गिरफ्तारी होनी चाहिए थी।
दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में कहा है कि दाती महाराज और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने लायक साक्ष्य जांच के दौरान नहीं मिले हैं। यह चार्जशीट केवल पीड़िता के पुलिस व कोर्ट को दिए बयान के आधार पर दाखिल की गई है। चार्जशीट में आरोपियों, उनके सहयोगियों और अन्य लोगों के मोबाइल रिकॉर्ड की फोरेंसिक रिपोर्ट भी दाखिल की गई है। इसमें कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा पुलिस ने किया है।
पुलिस ने उसके आश्रमों पर छापेमारी की, लेकिन वह नहीं मिला। वह पुलिस के पास आया तो पुलिस ने जांच में सहयोग करने के नाम पर उसे गिरफ्तार नहीं किया। यह दुष्कर्म का मामला है और दाती की इसमें फौरन गिरफ्तारी होनी चाहिए थी।
दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में कहा है कि दाती महाराज और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने लायक साक्ष्य जांच के दौरान नहीं मिले हैं। यह चार्जशीट केवल पीड़िता के पुलिस व कोर्ट को दिए बयान के आधार पर दाखिल की गई है। चार्जशीट में आरोपियों, उनके सहयोगियों और अन्य लोगों के मोबाइल रिकॉर्ड की फोरेंसिक रिपोर्ट भी दाखिल की गई है। इसमें कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा पुलिस ने किया है।