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सौम्या विश्वनाथन हत्याकांड: हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा, गवाहों की उपस्थिति तय की जाए
Wed, 27 Feb 2019 11:02 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 27 Feb 2019 11:02 PM IST
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सौम्या विश्वनाथन (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट ने टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन हत्याकांड केस की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश निचली अदालत को दिया है। कोर्ट ने गवाहों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति करने को भी कहा है।
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि दस साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी इस केस की सुनवाई पूरी न होने का क्या कारण है। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने निर्देश में कहा कि संभव हो तो निचली अदालत इस केस की प्रतिदिन या फिर सप्ताह में कम से कम दो दिन सुनवाई करे।
इस मामले में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी को तैनात किया जाए, जो सुनिश्चित करे कि केस के गवाह अपने बयान दर्ज कराने कोर्ट आएं, ताकि केस की सुनवाई शीघ्र पूरी की जा सके। कोर्ट ने यह निर्देश मामले के आरोपी बलजीत मलिक की याचिका पर दिया है।
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याची ने अधिवक्ता अमित कुमार के जरिये याचिका दायर कर उसके केस की सुनवाई जल्द करा समयबद्घ तरीके से निबटारा करने की मांग की थी। उसका कहना था कि इस मामले में वह 2009 से हिरासत में है।
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हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि दस साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी इस केस की सुनवाई पूरी न होने का क्या कारण है। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने निर्देश में कहा कि संभव हो तो निचली अदालत इस केस की प्रतिदिन या फिर सप्ताह में कम से कम दो दिन सुनवाई करे।
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इस मामले में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी को तैनात किया जाए, जो सुनिश्चित करे कि केस के गवाह अपने बयान दर्ज कराने कोर्ट आएं, ताकि केस की सुनवाई शीघ्र पूरी की जा सके। कोर्ट ने यह निर्देश मामले के आरोपी बलजीत मलिक की याचिका पर दिया है।
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याची ने अधिवक्ता अमित कुमार के जरिये याचिका दायर कर उसके केस की सुनवाई जल्द करा समयबद्घ तरीके से निबटारा करने की मांग की थी। उसका कहना था कि इस मामले में वह 2009 से हिरासत में है।
याचिका पर जिरह में अमित कुमार ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने 88 गवाहों की सूची दी है। नौ साल बाद भी केवल 45-46 गवाहों के बयान ही दर्ज हुए हैं। टीवी पत्रकार सौम्या की 30 सितंबर 2008 की रात उस समय कर दी गई थी,
जब वह काम से अपने घर वसंत कुंज लौट रही थीं। पुलिस ने इस मामले का खुलासा जिगिषा घोष हत्याकांड की पूछताछ के दौरान 2009 में किया था। मामले की सुनवाई साकेत जिला अदालत में नौ साल से चल रही है।
जब वह काम से अपने घर वसंत कुंज लौट रही थीं। पुलिस ने इस मामले का खुलासा जिगिषा घोष हत्याकांड की पूछताछ के दौरान 2009 में किया था। मामले की सुनवाई साकेत जिला अदालत में नौ साल से चल रही है।