फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   delhi high court fine Petitioner one lakh for seeking ban on media reporting against cm Kejriwal

क्या हम इमरजेंसी लागू करें?: जानें HC ने क्यों की टिप्पणी, केजरीवाल से जुड़ी अर्जी खारिज; जुर्माना भी लगाया

Wed, 08 May 2024 06:20 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 08 May 2024 06:20 PM IST
सार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि वह न तो मीडिया चैनलों को अपने विचार प्रसारित न करने का निर्देश देकर सेंसरशिप लगा सकती है और न ही केजरीवाल के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को विरोध करने से रोककर आपातकाल की घोषणा कर सकती है। 

विज्ञापन
delhi high court fine Petitioner one lakh for seeking ban on media reporting against cm Kejriwal
अरविंद केजरीवाल - फोटो : एएनआई

विस्तार

उच्च न्यायालय ने बुधवार को मीडिया चैनलों को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे और दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने के निराधार दावों पर दबाव बनाने और सनसनीखेज सुर्खियां प्रसारित करने से रोकने के निर्देश देने की मांग याचिका खारिज कर दी। अदालत ने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

विज्ञापन

याचिकाकर्ता ने की थी ये मांग
जनहित याचिका में केजरीवाल को तिहाड़ जेल में पर्याप्त सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश देने की भी मांग की गई ताकि वह दिल्ली सरकार के कुशल कामकाज के लिए अपने कैबिनेट सदस्यों और विधानसभा के सदस्यों के साथ बातचीत कर सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट का रोक लगाने से साफ इनकार
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की आलोचना की और कहा कि जनहित याचिका राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर लगाम लगाने की मांग कर रही है जो अदालत द्वारा नहीं किया जा सकता है।

विज्ञापन

याचिकाकर्ता को झटका
पीठ ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा हम क्या करें? क्या हम आपातकाल या मार्शल लॉ लागू करें? हम प्रेस या राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का मुंह कैसे बंद कर दें? आपकी प्रार्थना है, क्या हम कहते हैं कि कोई भी मिस्टर ए या मिस्टर बी के खिलाफ नहीं बोलेगा। 

न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह न तो मीडिया चैनलों को अपने विचार प्रसारित न करने का निर्देश देकर सेंसरशिप लगा सकती है और न ही केजरीवाल के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को विरोध करने से रोककर आपातकाल या मार्शल लॉ की घोषणा कर सकती है। केजरीवाल को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं।

याचिका में याचिकाकर्ता ने क्या लिखा
वकील श्रीकांत प्रसाद द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार की योजनाओं से दिल्ली के लोगों को फायदा हुआ है और वैश्विक मीडिया के साथ-साथ कई अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों ने भी उनकी सराहना की है।

आज की तारीख में इस विशेष मुद्दे पर मीडिया का आचरण दिल्ली के नागरिकों और जनता के प्रति बहुत पूर्वाग्रहपूर्ण है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रहा है और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में 62 सीटों के भारी बहुमत से नियुक्त मुख्यमंत्री के प्रति। याचिका में आगे मांग की गई कि दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री के इस्तीफे के लिए अवैध तरीकों से विरोध या बयान देकर कोई अनुचित दबाव बनाने से रोका जाना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है और शीर्ष अदालत के पास मामला है, इसलिए उन्हें जेल से सरकार चलाने की अनुमति देने के लिए किसी निर्देश की जरूरत नहीं है।

केजरीवाल से जुड़ी याचिकाएं पहले भी हो चुकी हैं खारिज
गौरतलब है कि केजरीवाल को राहत देने या उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग करने वाली कई याचिकाएं पहले ही उच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई हैं। कोर्ट ने करण पाल सिंह नाम के वकील पर 75,000 का जुर्माना लगाया था, जिसने दिल्ली के मुख्यमंत्री के लिए असाधारण अंतरिम जमानत की मांग की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed