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राजघाट समाधि की हालत पर कोर्ट ने जताई नाराजगी, अधिकारियों को लगाई फटकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:59 AM IST
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फाइल फोटो
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजघाट की हालात सुधारने के काम में लगे सरकारी अधिकारियों के कामकाज के तरीके पर भारी नाराजगी जाहिर की है। हाईकोर्ट ने इस हालात पर फटकार लगाते हुये दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
कोर्ट ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को 19 सितंबर तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने कहा जिस तरह से बापू की समाधि से व्यवहार किया जा रहा है वह बेहद दुखद है।
यह बेहद दुखद है कि जिस समाधिक को मंदिर कहा जा सकता है उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। खंडपीठ ने कहा समाधि पर आने वाले विदेशी पर्यटक जो पौधे लगाते हैं वह भी मर गये हैं। इतना ही नहीं समाधि की मूल ड्राइंग भी उपलब्ध नहीं है।
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कोर्ट ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को 19 सितंबर तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने कहा जिस तरह से बापू की समाधि से व्यवहार किया जा रहा है वह बेहद दुखद है।
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यह बेहद दुखद है कि जिस समाधिक को मंदिर कहा जा सकता है उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। खंडपीठ ने कहा समाधि पर आने वाले विदेशी पर्यटक जो पौधे लगाते हैं वह भी मर गये हैं। इतना ही नहीं समाधि की मूल ड्राइंग भी उपलब्ध नहीं है।
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ऐसा लगता है कि राष्ट्रपिता के लिये हम कुछ नहीं कर सकते। केंद्र सरकार की ओर से एएसजी मनिंदर आचार्या ने आश्वास दिया कि राजघाट समाधि के हालात में सुधार के लिये हर प्रयास किया जायेगा।
कोर्ट ने कहा कि इस काम के लिये पूर्व प्रोफेसर केटी रविंदरन की मदद ली जाये और राजघाट पर मौजूद समस्याओं को दूर किया जाये। कोर्ट उम्मीद करती है कि समाधि के हालात सुधारने के हर प्रयास किया जायेगा।
कोर्ट ने कहा कि इस काम के लिये पूर्व प्रोफेसर केटी रविंदरन की मदद ली जाये और राजघाट पर मौजूद समस्याओं को दूर किया जाये। कोर्ट उम्मीद करती है कि समाधि के हालात सुधारने के हर प्रयास किया जायेगा।