सरकारी खजाने से जेठमलानी को फीस देने के मामले में HC ने केजरीवाल को दी राहत
राम जेठमलानी को सार्वजनिक पैसे से फीस देने के मामले में दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पेशी के संबंध में दी गई याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दिया है।
बता दें कि केजरीवाल ने मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने जिस मामले में अरविंद केजरीवाल के लिए कोर्ट में जिरह की थी उसकी फीस दिल्ली सरकार वहन करे।
केजरीवाल की इस मांग के बाद काफी विवाद पैदा हो गया था जिसके बाद खुद जेठमलानी ने सफाई देते हुए कहा था कि असल में वो केजरीवाल से फीस नहीं लेना चाहते थे लेकिन दबाव के बाद उन्होंने 3 करोड़ से अधिक का बिल भेजा था।
क्या है मामला
केंद्रीय वित्त मंत्री ने केजरीवाल समेत छह आप नेताओं पर 10 करोड़ रुपये का मानहानि दावा ठोका है। जेटली का आरोप है कि केजरीवाल व अन्य नेताओं ने उन पर डीडीसीए अध्यक्ष रहते हुए वित्तीय अनियमितता का झूठा आरोप लगाया। इस मामले में ही राम जेठमलानी अरविंद केजरीवाल की ओर से जिरह कर रहे हैं।
जेटली 2013 तक 13 साल तक डीडीसीए के अध्यक्ष थे। जेटली ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दिसंबर 2015 में पटियाला हाउस कोर्ट में मानहानि का आपराधिक व हाईकोर्ट में दीवानी मुकदमा दायर किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने 22 नवंबर 2016 को केजरीवाल की याचिका खारिज करते हुए निचली अदालत में मानहानि की शिकायत पर सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
हाईकोर्ट ने 1 मार्च को केजरीवाल की याचिका खारिज करते हुए जेटली व उनके परिवार के लोगों के बैंक खातों की जानकारी देने से इनकार कर दिया था।