डेंगू पर दिल्ली सरकार को मिल रही अधूरी रिपोर्ट
डेंगू की रोकथाम के संबंध में रोजाना रिपोर्ट देने में पहले आनाकानी करने वाले तीनों नगर निगम अब दिल्ली सरकार को पूरी रिपोर्ट नहीं भेज रहे हैं।
दिल्ली सरकार के पास रोजाना भेजी जाने वाली रिपोर्ट में नगर निगम की ओर से यह नहीं बताया जा रहा कि डेंगू के कितने नए मामले सामने आए और कितने लोगों की मृत्यु हुई।
वह केवल डेंगू की रोकथाम के लिए किए गए कार्यों के बारे में ही अवगत करा रही है। दिल्ली सरकार के कड़े रुख और एक्ट में प्रावधान होने के बाद तीनों नगर निगम ने गत सप्ताह से डेंगू के संबंध में रोजाना उसके पास रिपोर्ट भेजना आरंभ कर दिया था।
मगर वे औपचारिकता निभाने के तौर पर रिपोर्ट भेज रही है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली सरकार बेवजह तानाशाही कर रही है।
नहीं बताए गए डेंगू से मरने वालों के आंकड़े
एक ओर तो दिल्ली सरकार डेंगू की रोकथाम के लिए उनकी मदद नहीं कर रही है, वहीं दूसरी ओर इससे पहले कभी भी इस तरह दिल्ली सरकार की ओर से रिपोर्ट नहीं मांगी गई। वह निरंतर उपराज्यपाल को रिपोर्ट देते रहते हैं।
अधिकारियों के अनुसार तीनों नगर निगम की ओर से दिल्ली सरकार को बताया जाता है कि डेंगू की रोकथाम के लिए कितने घरों में उनके डीबीसी ने जांच की। इस दौरान कितने परिसरों में लार्वा मिला और लार्वा मिलने पर चालान काटने और नोटिस देने की संख्या में बताते हैं।
इसी तरह किस-किस इलाके में डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पर्चे बांटे, पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए। इसके अलावा किन-किन इलाकों में मच्छर मारने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव किया और किन-किन इलाकों में फॉगिंग की गई।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली सरकार के आदेश के इतर तीनों नगर निगम ने एक भी दिन रिपोर्ट में सरकार को यह नहीं बताया कि डेंगू की चपेट में कितने लोग आए और कितने लोगों की मृत्यु हो गई है। इसके अलावा डेंगू के प्रकोप की कैसी स्थिति है।