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Budget & Borrowings: बजट के लिए बाजार से बड़ा उधार उठाएगी दिल्ली सरकार, टैक्स से भी होगी अच्छी-खासी कमाई

Wed, 25 Mar 2026 04:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 25 Mar 2026 04:20 AM IST
सार

सरकार को पूंजीगत प्राप्तियों के तहत कई स्रोतों से धन मिलेगा, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा 16,700 करोड़ रुपये का होगा, जो बाजार से उधार लिया जाएगा। यह उधारी भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से होगी।

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Delhi government will raise substantial borrowings from the market for the budget.
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

दिल्ली सरकार ने भले ही 1 लाख करोड़ से ज्यादा का बड़ा बजट पेश किया है, लेकिन इसे लागू करने के लिए खजाने के साथ-साथ कर्ज और कई अन्य स्रोतों पर भी भरोसा किया गया है। सरकार ने साफ किया कि विकास कार्यों के लिए जरूरी फंड हर हाल में जुटाया जाएगा।

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सरकार को पूंजीगत प्राप्तियों के तहत कई स्रोतों से धन मिलेगा, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा 16,700 करोड़ रुपये का होगा, जो बाजार से उधार लिया जाएगा। यह उधारी भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से होगी। इसके अलावा एसएएससीआई योजना के तहत 2,500 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त कर्ज भी मिलेगा। 
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बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं, जैसे चंद्रावल जल निकासी परियोजना से 380 करोड़ रुपये आएंगे, जबकि लोन और अग्रिमों की वसूली से 487.93 करोड़ रुपये मिलेंगे। सरकार के पास पहले से 1,640 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि भी उपलब्ध रहेगी। हालांकि, बड़े पैमाने पर कर्ज लेने के फैसले को लेकर विपक्षी दल आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने सरकार की आलोचना की है और इसे वित्तीय दबाव बढ़ाने वाला कदम बताया है।
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जीएसटी से सबसे बड़ा संग्रह
कुल बजट में 62,550 करोड़ रुपये योजनाओं और परियोजनाओं पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 41,150 करोड़ रुपये स्थापना खर्च के लिए तय हैं। राजस्व बजट 72,900.28 करोड़ रुपये और पूंजीगत बजट 30,799.72 करोड़ रुपये रखा गया है। राजस्व जुटाने में टैक्स का सबसे बड़ा योगदान रहेगा। सरकार 74,000 करोड़ रुपये टैक्स से जुटाने का अनुमान लगा रही है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा जीएसटी से 43,500 करोड़ रुपये का होगा। इसके अलावा वैट से 8,500 करोड़, स्टाम्प और पंजीकरण से 11,000 करोड़, आबकारी से 7,200 करोड़ और वाहन कर से 3,800 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।


सभी स्रोतों से आए धन से होगा विकास
गैर-कर राजस्व से 900 करोड़ रुपये आएंगे। केंद्र प्रायोजित योजनाओं से 3,931.16 करोड़ रुपये और अन्य केंद्रीय सहायता व अनुदानों से 968.01 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि, स्वच्छ गंगा मिशन और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से भी फंड मिलेगा। सरकार ने कहा कि इन सभी स्रोतों से जुटाए गए संसाधनों के जरिये विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

 

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